GK Practice Question and Answer
8 Q: प्रतिवर्ष ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ कब मनाया जाता है?
1140 060c9fa0f1faa222a6335f47e
60c9fa0f1faa222a6335f47e- 105 जूनfalse
- 203rd जूनfalse
- 302nd जूनtrue
- 407 जूनfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 3. "02nd जून "
Explanation :
1. हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है।
2. इसका उद्देश्य मानव जाति को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना होता है।
3. पहली बार 1973 में आयोजित, यह समुद्री प्रदूषण, अधिक जनसंख्या, ग्लोबल वार्मिंग, सतत विकास और वन्यजीव अपराध जैसे पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का एक मंच रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक पहुंच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है।
4. मानव पर्यावरण की संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का मुद्दा उठा। इसके बाद 5 जून 1973 को कई देशों ने पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। आपको नीचे सूचीबद्ध पर्यावरण दिवस तथ्यों को पढ़ना चाहिए।
Q: विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?
995 0633c33aad0b67f66a01f7d4a
633c33aad0b67f66a01f7d4a- 15 मईfalse
- 25 जूनtrue
- 322 मार्चfalse
- 422 अप्रैलfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 2. "5 जून"
Explanation :
1. हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है।
2. इसका उद्देश्य मानव जाति को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना होता है।
3. पहली बार 1973 में आयोजित, यह समुद्री प्रदूषण, अधिक जनसंख्या, ग्लोबल वार्मिंग, सतत विकास और वन्यजीव अपराध जैसे पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का एक मंच रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक पहुंच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है।
Q: वर्षाजल संग्रहण करने वाला रानीसर टाँका कहाँ स्थित है?
8181 0631b366f9e22767a76543e1f
631b366f9e22767a76543e1f- 1जैसलमेरfalse
- 2जोधपुरtrue
- 3बाड़मेरfalse
- 4बीकानेरfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 2. "जोधपुर"
Explanation :
टांका एक भूमिगत जलाशय है जिसे वर्षा के जल को संग्रहित करने के लिए बनाया जाता है। टांका आमतौर पर एक वर्गाकार या आयताकार आकार का होता है और इसका निर्माण मिट्टी या पत्थर से किया जाता है। टांका के चारों ओर एक दीवार बनाई जाती है ताकि वर्षा का जल इसमें इकट्ठा हो सके।
Q: खड़ीन खेती हैं-
1757 05f718bfba58f705296afb5a2
5f718bfba58f705296afb5a2- 1वर्षा कालीन खड्डों में पानी भरने पर वहाँ की जाने वाली खेती ।true
- 2अकाल के समय जीविकापार्जन हेतु की जाने वाली खेतीfalse
- 3वर्षा विहनी खेतीfalse
- 4यंत्रों के उपोग से की जाने वाली खेतीfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 1. "वर्षा कालीन खड्डों में पानी भरने पर वहाँ की जाने वाली खेती ।"
Explanation :
खडीन-यह एक मिट्टी का बना हुआ अस्थायी तालाब होता है, इसे किसी ढाल वाली भूमि के नीचे बनाते हैं । इसके दोनों ओर मिट्टी की दीवार (धोरा) तथा तीसरी ओर पत्थर से बनी मजबूत दीवार होती है । जल की अधिकता पर खड़ीन भर जाता है तथा जल आगे वाली खडीन में चला जाता है । खडीन में जल के सूख जाने पर, इसमें कृषि की जाती है।
Q: राजस्थान के थार मरुस्थल की परम्परागत जल संग्रहण तकनीक है -
1195 06329f46e751e5310a5bc73e9
6329f46e751e5310a5bc73e9- 1टांकाtrue
- 2खडिनfalse
- 3बावड़ीfalse
- 4तालाबfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 1. "टांका"
Explanation :
1. खडीन-यह एक मिट्टी का बना हुआ अस्थायी तालाब होता है, इसे किसी ढाल वाली भूमि के नीचे बनाते हैं । इसके दोनों ओर मिट्टी की दीवार (धोरा) तथा तीसरी ओर पत्थर से बनी मजबूत दीवार होती है । जल की अधिकता पर खड़ीन भर जाता है तथा जल आगे वाली खडीन में चला जाता है । खडीन में जल के सूख जाने पर, इसमें कृषि की जाती है।
2. तालाब-राजस्थान में प्राय: वर्षा के जल का संग्रहण तालाब में किया जाता है। यहाँ स्त्रियों व पुरुषों के नहाने के पृथक् से घाट होते हैं। तालाब की तलहटी में कुआं बना होता है, जिसे बेरी कहते हैं। जल संचयन की यह प्राचीन विधि आज भी अपना महत्व रखती है। इससे भूमि जल का स्तर बढ़ता है।
4. बावड़ी-राजस्थान में बावड़ियों का अपना स्थान है । यह जल संग्रहण करने का प्राचीन तरीका है। यह गहरी होती है व इसमें उतरने के लिए सीढियाँ एवं तिबारे होते हैं तथा यह कलाकृतियों से सम्पन्न होती है ।
5. टांका: टांका एक भूमिगत जलाशय है जिसे वर्षा के जल को संग्रहित करने के लिए बनाया जाता है। टांका आमतौर पर एक वर्गाकार या आयताकार आकार का होता है और इसका निर्माण मिट्टी या पत्थर से किया जाता है। टांका के चारों ओर एक दीवार बनाई जाती है ताकि वर्षा का जल इसमें इकट्ठा हो सके।
Q: दुग्ध उत्पादन हेतु गाय की प्रसिद्ध किस्म है-
1296 06329f3ca5c208a6bf7df0a90
6329f3ca5c208a6bf7df0a90- 1गिर और राठीtrue
- 2राठी और नागौरीfalse
- 3मेवाती और मालवीfalse
- 4मालवी और थारपारकरfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 1. "गिर और राठी"
Explanation :
गिर गाय : यह नसल राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में पायी जाती है। इसे देसण, गुजराती, सूरती, काठियावाड़ी, और सोरठी भी कहा जाता है। इसका शरीर लाल रंग का होता है जिस पर सफेद धब्बे, सिर गुबंद के आकार का और लंबे कान होते हैं। यह गाय प्रति ब्यांत में औसतन 2110 दूध देती है।
राठी गाय :इस नसल का मूल स्थान राजस्थान है। यह नसल राजस्थान के थार मारूस्थल, बीकानेर, गंगानगर और जैसलमेर जिलों तक फैली हुई है। इसकी खाल मुख्य तौर पर भूरे रंग की होती है, जिस पर सफेद धब्बे बने होते हैं और कई बार इसकी खाल काले या भूरे रंग की होती है, जिसपर सफेद धब्बे बने होते हैं। इसके बाकी शरीर के मुकाबले शरीर का निचला भाग रंग में हल्का होता है। इसका चौड़ा मुंह, पूंछ लंबी और लटकी हुई चमड़ी कोमल और ढीली होती है। यह एक ब्यांत में औसतन 1000-2800 किलो पैदा करती है। पहले ब्यांत के समय इस नसल की गाय की उम्र 36-52 महीने होनी चाहिए और इसका एक ब्यांत 15-20 महीने का होता है।
Q: माही कंचन और माही धवल किस फसल की किस्में हैं?
9584 062f3762a09a97851b631ece9
62f3762a09a97851b631ece9- 1गेहूँfalse
- 2चावलfalse
- 3जौfalse
- 4मक्काtrue
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 4. "मक्का"
Explanation :
1. कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' मक्का फसल से संबंधित है।
2. माही कंचन, माही धवल और मेघा मक्का की किस्में हैं। राजस्थान राज्य में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और बूंदी हैं।
Q: कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' किस फसल से संबंधित है?
1161 06329f32c1656651c9e9614ad
6329f32c1656651c9e9614ad- 1चावलfalse
- 2मक्काtrue
- 3ज्वारfalse
- 4गेहूँfalse
- Show AnswerHide Answer
- Workspace
- SingleChoice
Answer : 2. "मक्का"
Explanation :
1. कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' मक्का फसल से संबंधित है।
2. माही कंचन, माही धवल और मेघा मक्का की किस्में हैं। राजस्थान राज्य में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और बूंदी हैं।

