प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें
8 प्र: अलाउद्दीन खिलजी ने किस दुर्ग को जीतकर उसका नाम खैराबाद रखा?
1484 063875c83c878936066d779e9
63875c83c878936066d779e9- 1सिवाणा दुर्गtrue
- 2जोधपुर दुर्गfalse
- 3रणथम्भोर दुर्गfalse
- 4चित्तौड़ दुर्गfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "सिवाणा दुर्ग"
व्याख्या :
सन् 1308 में अलाउद्दीन खिलजी एवं सिवाना शासक सीतलदेव पंवार के मध्य यह युद्ध लड़ा गया जिसमें सीतलदेव वीरगति को प्राप्त हुआ एवं खिलजी की विजय हुई। खिलजी ने सिवाना का नाम बदलकर खैराबाद रखा।
प्र: निम्नलिखित में से कौनसा (कला-प्रमुख केंद्र) युग्म सुमेलित नहीं है?
810 063875c0bd766b160a2ebbfd3
63875c0bd766b160a2ebbfd3- 1थेवा - सीकरtrue
- 2गलीचा निर्माण - जयपुरfalse
- 3अजरख प्रिंट - बाड़मेरfalse
- 4कठपुतली - उदयपुरfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "थेवा - सीकर "
व्याख्या :
निम्नलिखित में से सभी (कला-प्रमुख केंद्र) युग्म सुमेलित है।
(A) थेवा - प्रतापगढ़
(B) गलीचा निर्माण - जयपुर
(C) अजरख प्रिंट - बाड़मेर
(D) कठपुतली - उदयपुर
प्र: पथिक ने किस समाचार पत्र के माध्यम से बिजोलिया कृषक आंदोलन को विख्यात कर दिया?
914 0632b1ada5c208a6bf7e535d1
632b1ada5c208a6bf7e535d1- 1प्रतापtrue
- 2प्रभातfalse
- 3नवभारतfalse
- 4लोकवाणीfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "प्रताप"
व्याख्या :
1. विजय सिंह पथिक, जिन्हें राष्ट्रीय पथिक के रूप में जाना जाता है, एक भारतीय क्रांतिकारी थे। उनका असली नाम भूप सिंह था।
2. वे पहले भारतीय क्रांतिकारियों में से थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन की मशाल जलाई थी।
3. मोहनदास करमचंद गांधी द्वारा सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने से बहुत पहले, पथिक ने बिजोलिया के किसान आंदोलन के दौरान सत्याग्रह आंदोलन का प्रयोग कर लिया था।
4. विजयसिंह पथिक ने प्रताप समाचार पत्र के माध्यम से बिजौलिया किसान आन्दोलन का प्रचार पूरे भारत में कर दिया था?
प्र: विजय सिंह पथिक का वास्तविक नाम था -
1177 063875bacc878936066d776c0
63875bacc878936066d776c0- 1भूप सिंह गुर्जरtrue
- 2भाग सिंह गुर्जरfalse
- 3बहादुर सिंह गुर्जरfalse
- 4बादल सिंह गुर्जरfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "भूप सिंह गुर्जर "
व्याख्या :
1. विजय सिंह पथिक, जिन्हें राष्ट्रीय पथिक के रूप में जाना जाता है, एक भारतीय क्रांतिकारी थे। उनका असली नाम भूप सिंह था।
2. वे पहले भारतीय क्रांतिकारियों में से थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन की मशाल जलाई थी।
3. मोहनदास करमचंद गांधी द्वारा सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने से बहुत पहले, पथिक ने बिजोलिया के किसान आंदोलन के दौरान सत्याग्रह आंदोलन का प्रयोग कर लिया था।
4. विजयसिंह पथिक ने प्रताप समाचार पत्र के माध्यम से बिजौलिया किसान आन्दोलन का प्रचार पूरे भारत में कर दिया था?
प्र: किस लोक कला के निर्माण का पुश्तैनी व्यवसाय केवल चित्तौड़गढ़ जिले के ग्राम बस्सी में ही देखा जाता है?
987 063875b5353e4f6617732b063
63875b5353e4f6617732b063- 1फड़false
- 2सांझीfalse
- 3वीलfalse
- 4कावड़true
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 4. "कावड़"
व्याख्या :
कावड़ लोक कला के निर्माण का पुश्तैनी व्यवसाय केवल चित्तौड़गढ़ जिले के ग्राम बस्सी में ही देखा जाता है। कावड़ एक मंदिरनुमा काष्ठकलाकृति है, जिसमें कई द्वार बने होते हैं। सभी द्वारों या कपाटों पर चित्र अंकित रहते हैं। कावड़ लाल रंग से रंगी जाती है व उसके ऊपर फिर काले रंग से पौराणिक कथाओं का चित्रांकन किया जाता है। इनमें महाभारत, रामायण, कृष्ण लीला के विभिन्न चरित्रों व घटनाओं का विवरण होता है। कावड़ जनजीवन की धार्मिक आस्थाओं और विश्वासों से जुड़ी है इसीलिए इसका वाचन-श्रवण कर लोग श्रद्धाभिभूत हो जाते हैं और मनमाना दान करते हैं।
प्र: श्री देवनारायण के पिता का नाम क्या था?
1381 05fdc392447af917ef3d63728
5fdc392447af917ef3d63728- 1जय सिंहfalse
- 2मानसिंहfalse
- 3विरम देवfalse
- 4सवाई भोजtrue
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 4. "सवाई भोज"
व्याख्या :
1. भगवान विष्णु का अवतार कहे जाने वाले गुर्जर जाति के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण जी का जन्म विक्रम संवत 968 माघ शुक्ल की सप्तमी के दिन मालासेरी में हुआ था, इनके पिताजी का नाम सवाई भोज एवं माँ का नाम साढू था, इस कारण इन्हें साढू माता का लाल भी कहा जाता हैं।
2. बचपन में देवजी का नाम उदय सिंह था, इनका विवाह राजकुमारी पीपल दे एवं दो अन्य रानियों नाग कन्या और दैत्य कन्या के साथ हुआ था. इनके एक बेटा बीला जो बाद में प्रथम पुजारी भी बने तथा बेटी का नाम बीली था।
प्र: श्री देवनारायण के पिता का नाम?
1283 05fdc39b347af917ef3d63852
5fdc39b347af917ef3d63852- 1जय सिंहfalse
- 2मानसिंहfalse
- 3विरम देवfalse
- 4सवाई भोजtrue
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 4. "सवाई भोज"
व्याख्या :
1. भगवान विष्णु का अवतार कहे जाने वाले गुर्जर जाति के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण जी का जन्म विक्रम संवत 968 माघ शुक्ल की सप्तमी के दिन मालासेरी में हुआ था, इनके पिताजी का नाम सवाई भोज एवं माँ का नाम साढू था, इस कारण इन्हें साढू माता का लाल भी कहा जाता हैं।
2. बचपन में देवजी का नाम उदय सिंह था, इनका विवाह राजकुमारी पीपल दे एवं दो अन्य रानियों नाग कन्या और दैत्य कन्या के साथ हुआ था. इनके एक बेटा बीला जो बाद में प्रथम पुजारी भी बने तथा बेटी का नाम बीली था।
प्र: श्री देवनारायण का विवाह किसके साथ हुआ था?
1227 05fdc396ed4ac5609e071f926
5fdc396ed4ac5609e071f926- 1सिस्टमfalse
- 2भंवरी देवीfalse
- 3पीपलदेtrue
- 4प्रेम देवीfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 3. "पीपलदे"
व्याख्या :
1. भगवान विष्णु का अवतार कहे जाने वाले गुर्जर जाति के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण जी का जन्म विक्रम संवत 968 माघ शुक्ल की सप्तमी के दिन मालासेरी में हुआ था, इनके पिताजी का नाम सवाई भोज एवं माँ का नाम साढू था, इस कारण इन्हें साढू माता का लाल भी कहा जाता हैं।
2. बचपन में देवजी का नाम उदय सिंह था, इनका विवाह राजकुमारी पीपल दे एवं दो अन्य रानियों नाग कन्या और दैत्य कन्या के साथ हुआ था. इनके एक बेटा बीला जो बाद में प्रथम पुजारी भी बने तथा बेटी का नाम बीली था।

