General Hindi प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें
8 प्र: निम्नलिखित शब्दों में से एक शब्द 'शंकर' का पर्यायवाची नहीं है –
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63455eae1bfb042f96b59c6e- 1शशधरtrue
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उत्तर : 1. "शशधर "
प्र: वामा, कामिनी, रमणी, ललना - ये सब किस शब्द के पर्यायवाची है?
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63493535455735285616bcf0- 1सरिताfalse
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उत्तर : 2. "नारी"
प्र: निम्नांकित किस वाक्य में पूर्वकालिक क्रिया का प्रयोग है?
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6345678a1bfb042f96b5c080- 1अंकिता खेलकर पढ़ने बैठेगी।true
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- 3मेघा भोजन कर रही है।false
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उत्तर : 1. "अंकिता खेलकर पढ़ने बैठेगी।"
प्र: 'वह अपने कार्य में व्यस्त था। हिंदी वाक्य का अंग्रेजी में रूपान्तरण होगा –
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632da5a531300b7ce47a32e6- 1He was busy with his work.true
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उत्तर : 1. "He was busy with his work."
प्र: 'यथाशक्ति' शब्द में कौनसा समास है?
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632db3971656651c9eaaf11e- 1अव्ययीभावtrue
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उत्तर : 1. "अव्ययीभाव"
व्याख्या :
यथाशक्ति में अव्ययीभाव समास है। यथाशक्ति का समास विग्रह है शक्ति के अनुसार। इस शब्द में पहला पद, “यथा” अव्यय है। अव्ययीभाव समास की परिभाषा के अनुसार, जिस समास में पहला या प्रथम पद अव्यय और दूसरा पद संज्ञा हो, वह अव्ययीभाव समास कहलाता है।
1. अव्ययीभाव समास उदहारण
2. आजीवन – जीवनभर
3. निर्विवाद- बिना विवाद के
4. प्रतिदिन- प्रति दिन
5. यथाशीघ्र – जितना शीघ्र हो सके
प्र: किस विकल्प में सभी शब्द तद्भव हैं?
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63a05749e830dd5a60ab96ac- 1कान, मुखfalse
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उत्तर : 2. "नया, दूध"
प्र: निम्नलिखित में से 'निर्' उपसर्ग से बना शब्द है-
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636509d5d054d40156157bb0- 1निराकरणfalse
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उत्तर : 4. "उपरोक्त सभी"
प्र:निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नउत्तर लिखिए :
आचार्य द्रोण महर्षि भरद्वाज के पुत्र थे। पांचाल - नरेश का पुत्र द्रुपद भी द्रोण के साथ ही भरद्वाज - आश्रम में शिक्षा पा रहा था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कभी - कभी राजकुमार द्रुपद उत्साह में आकर दोण से यहाँ तक कह देता था कि पांचाल देश का राजा बन जाने पर मैं आधा राज्य तुम्हें दे दूँगा। शक्षा समाप्त होने पर द्रोणाचार्य ने कृपाचार्य की बहन से ब्याह कर लिया। उससे उनके एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने अश्वत्थामा रखा । द्रोण अपनी पत्नी और पुत्र को बड़ा प्रेम करते थे। द्रोण बड़े गरीब थे। वह चाहते थे कि धन गप्त किया जाए और अपनी पत्नी व पुत्र के साथ सुख से रहा जाए । उन्हें खबर लगी कि परशुराम अपनी सारी संपत्ति गरीब ब्राह्मणों को बाँट रहे हैं , तो भागे - भागे उनके पास गए , लेकिन उनके नहुँचने तक परशुराम अपनी सारी संपत्ति वितरित कर चुके थे और वन - गमन की तैयारी कर रहे थे । दोण को देखकर वह बोले- " ब्राह्मण श्रेष्ठ ! आपका स्वागत है। पर मेरे पास जो कुछ था , वह मैं बाँट चुका हूँ । अब यह मेरा शरीर और धनुर्विद्या ही है। बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ? "
गरीब किस भाषा का शब्द है?
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6231e5bdafe5316e153c36c2आचार्य द्रोण महर्षि भरद्वाज के पुत्र थे। पांचाल - नरेश का पुत्र द्रुपद भी द्रोण के साथ ही भरद्वाज - आश्रम में शिक्षा पा रहा था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कभी - कभी राजकुमार द्रुपद उत्साह में आकर दोण से यहाँ तक कह देता था कि पांचाल देश का राजा बन जाने पर मैं आधा राज्य तुम्हें दे दूँगा। शक्षा समाप्त होने पर द्रोणाचार्य ने कृपाचार्य की बहन से ब्याह कर लिया। उससे उनके एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने अश्वत्थामा रखा । द्रोण अपनी पत्नी और पुत्र को बड़ा प्रेम करते थे। द्रोण बड़े गरीब थे। वह चाहते थे कि धन गप्त किया जाए और अपनी पत्नी व पुत्र के साथ सुख से रहा जाए । उन्हें खबर लगी कि परशुराम अपनी सारी संपत्ति गरीब ब्राह्मणों को बाँट रहे हैं , तो भागे - भागे उनके पास गए , लेकिन उनके नहुँचने तक परशुराम अपनी सारी संपत्ति वितरित कर चुके थे और वन - गमन की तैयारी कर रहे थे । दोण को देखकर वह बोले- " ब्राह्मण श्रेष्ठ ! आपका स्वागत है। पर मेरे पास जो कुछ था , वह मैं बाँट चुका हूँ । अब यह मेरा शरीर और धनुर्विद्या ही है। बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ? "
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