Rajasthan GK Practice Question and Answer

Q:

राजस्थान में केशवरायपाटन स्थित प्रसिद्ध हिन्दू केशव मंदिर किस देवता को समर्पित है?

1979 0

  • 1
    भगवान कृष्ण
    Correct
    Wrong
  • 2
    भगवान विष्णु
    Correct
    Wrong
  • 3
    भगवान राम
    Correct
    Wrong
  • 4
    भगवान शिव
    Correct
    Wrong
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Answer : 2. "भगवान विष्णु"
Explanation :

1. केशवरायपाटन आधुनिक समय में जाना जाने वाला प्राचीन ऐतिहासिक स्थान "आश्रम पट्टन" है।

2. केशव राय मंदिर राजस्थान के कोटा शहर के पास केशोराई पाटन शहर में चंबल नदी के तट पर स्थित है।

3. यह एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है और भगवान विष्णु को समर्पित है।

Q:

संयुक्त राजस्थान का अप्रेल 18, 1948 को किसने उद्घाटन किया?

1976 0

  • 1
    माणिक्यलाल वर्मा
    Correct
    Wrong
  • 2
    जवाहर लाल नेहरू
    Correct
    Wrong
  • 3
    महात्मा गांधी
    Correct
    Wrong
  • 4
    के.एम. मुन्शी
    Correct
    Wrong
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Answer : 2. "जवाहर लाल नेहरू "

Q:

पाबूजी की घोड़ी का नाम क्या था?

1976 0

  • 1
    लिलम
    Correct
    Wrong
  • 2
    मूमल
    Correct
    Wrong
  • 3
    केसर कलमी
    Correct
    Wrong
  • 4
    पेमल
    Correct
    Wrong
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Answer : 3. "केसर कलमी"
Explanation :

1. पाबूजी का जन्म 1239 ईस्वी को कोलू (वर्तमान बाड़मेर, राजस्थान) में हुआ था। उनके पिता का नाम धांधल जी राठौड़ था। धांधल जी राठौड़ की चार संताने थी जिनमें से उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां थी। उनके पुत्रों के नाम पाबूजी व बूरा थे तथा उनकी पुत्रियों के नाम सोना व पेमा था।

2. इतिहासकार मुहणौत नैणसी, महाकवि मोडजी आशिया व क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, पाबूजी राठौड़ का जन्म अप्सरा के गर्भ से हुआ था। उनके अनुसार पाबूजी का जन्म स्थान वर्तमान बाड़मेर शहर से 8 कोस आगे खारी खाबड़ के जूना नामक गांव था।

3. पाबूजी का पूजा स्थल कोलू (फलोदी) में है। यहां कोलू में ही प्रतिवर्ष उनका मेला भी भरता है। क्योंकि वे अपने विवाह के बीच में उठकर गायों को बचाने गए थे जिसकी वजह से उन्हें दूल्हे के वस्त्रों में दिखाया जाता है। उनका प्रतीक चिन्ह हाथ में भाला लिए अश्वारोही के रूप में प्रचलित है।

4. पाबूजी को ग्रामीण लोग लक्ष्मण जी का अवतार मानते हैं और लोकदेवता के रूप में पूजते हैं। जनमानस पाबूजी को ऊँटो के देवता के रूप में भी पूजती है।

5. पाबूजी की घोड़ी का नाम केसर कालमी था।

Q:

निरंजनी सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे?

1975 0

  • 1
    संत रामचरण
    Correct
    Wrong
  • 2
    संत रामदास
    Correct
    Wrong
  • 3
    संत निरंजन नाथ
    Correct
    Wrong
  • 4
    संत हरिदास
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 4. "संत हरिदास"

Q:

स्वतंत्रता सेनानी और शहीद सागरमल गोपा कहाँ रहते थे?

1975 0

  • 1
    बिकानेर
    Correct
    Wrong
  • 2
    श्रीगंगानगर
    Correct
    Wrong
  • 3
    जैसलमेर
    Correct
    Wrong
  • 4
    जोधपुर
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 3. "जैसलमेर"
Explanation :

सागरमल गोपा (1900 - 1946) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं देशभक्त थे। वे राजस्थान के निवासी थे।


Q:

किन जिलों के समूह में अधिकतम वन क्षेत्र पाया जाता है ? 

1974 0

  • 1
    बारां - उदयपुर - चित्तौड़गढ़
    Correct
    Wrong
  • 2
    भरतपुर - झालावाड - कोटा
    Correct
    Wrong
  • 3
    करोली - सिरोही - डूंगरपुर
    Correct
    Wrong
  • 4
    बांसवाड़ा - धौलपुर - राजसमंद
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "बारां - उदयपुर - चित्तौड़गढ़ "

Q:

शाहपुरा (भीलवाड़ा) में जिस सम्प्रदाय की पीठ स्थित है वह है—

1972 0

  • 1
    दादू सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • 2
    वल्लभ सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • 3
    निम्बार्क सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • 4
    रामस्नेही सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 4. "रामस्नेही सम्प्रदाय"

Q:

हाडोती प्रदेश राजस्थान के कितने प्रतिशत क्षेत्रफल में स्थित है ?

1967 0

  • 1
    10 %
    Correct
    Wrong
  • 2
    9.4%
    Correct
    Wrong
  • 3
    11.4%
    Correct
    Wrong
  • 4
    9.6 %
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "9.6 %"
Explanation :

1. राजस्थान का दक्षिणी-पूर्वी भाग एक पठारी भाग है, जिसे 'दक्षिणी-पूर्वी पठार एवं हाडौती के पठार' के नाम से जाना जाता है। यह मालवा के पठार का विस्तार है |

2. इस क्षेत्र की औसत ऊँचाई 500 मीटर है तथा यहाँ अर्द्ध-चन्द्राकार रूप में पर्वत श्रेणियों का विस्तार है जो क्रमशः बूंदी और मुकुन्दवाड़ा की पहाड़ियों के नाम से जानी जाती है। यहाँ चम्बल नदी और इसकी प्रमुख सहायक कालीसिंह, परवन और पार्वती नदियाँ प्रवाहित है, उनके द्वारा निर्मित मैदानी प्रदेश कृषि के लिये उपयुक्त है।

3. दक्षिणी - पूर्वी पठार प्रदेश (हाडौती के पठार) प्रमुख विशेषता -

- इस क्षेत्र में राज्य की 11 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

- दक्षिण पूर्वी पठारी प्रदेश राज्य के कुल क्षेत्रफल का 9.6 प्रतिशत है।

- इसका विस्तार भीलवाड़ा, फोटो, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों में है।

- यह पठारी भाग अरावली और विंध्याचल पर्वत के बीच संक्रान्ति प्रदेश है।

- इस प्रदेश में लावा मिश्रित शैल एवं विन्ध्य शैलों का सम्मिश्रण है।

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