Rajasthan GK प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें

प्र:

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार निम्नांकित मे से कौन एक जिला परिषद का संघटन नहीं है?

961 0

  • 1
    लोकसभा सदस्य
    सही
    गलत
  • 2
    राज्य सभा सदस्य
    सही
    गलत
  • 3
    राज्य विधानसभा
    सही
    गलत
  • 4
    ग्राम सभा सदस्य
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 4. "ग्राम सभा सदस्य"
व्याख्या :

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार एक जिला परिषद का संघटन ग्राम सभा सदस्य नहीं है। 


प्र:

भारत के संविधान में निम्नलिखित में से कौन सा संशोधन पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है?

1001 0

  • 1
    75वाँ संशोधन
    सही
    गलत
  • 2
    73वाँ संशोधन
    सही
    गलत
  • 3
    71वाँ संशोधन
    सही
    गलत
  • 4
    72वाँ संशोधन
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "73वाँ संशोधन"
व्याख्या :

1. मूल संविधान में 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा भाग-9 के अंतर्गत पंचायती राज से संबंधित उपबंधों की चर्चा (अनुच्छेद 243) की गई है । भाग-9 में ‘पंचायतें’ नामक शीर्षक के तहत अनुच्छेद 243-243ण (243-243O) तक पंचायती राज से संबंधित उपबंध हैं।

2. भारत में प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को लोकतंत्र की नींव के रूप में पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।

3. पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण भारत की स्थानीय स्वशासन की प्रणाली है।

4. पंचायती राज व्यवस्था तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा राजस्थान के

5. नागौर जिले के बगधरी गांव में 2 अक्टूबर 1959 को पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई।

7. राजस्थान तथा आन्ध्र प्रदेश राज्यों में स्थानीय सरकार स्वरूप को सर्वप्रथम अंगीकार किया।

8. भारतीय संविधान में पंचायती राज की अवधारणा राज्य नीति के निदेशक तत्वोंनिहित है।

9. पंचायतों का कार्यकाल पाँच वर्ष निर्धारित है लेकिन कार्यकाल से पहले भी इसे भंग किया जा सकता है।

10. पंचायती राज से संबंधित सभी प्रकार की प्रमुख समितियाँ निम्न हैं

- बलवंत राय मेहता समिति (1957)

- अशोक मेहता समिति (1977)

- जी. वी. के राव समिति (1985)

- एल.एम. सिंघवी समिति (1986)

प्र:

राज्य में प्रकाश की सर्वाधिक लम्बी अवधि निम्न में से किस दिन रहती है?

1086 0

  • 1
    23 सितम्बर
    सही
    गलत
  • 2
    21 जून
    सही
    गलत
  • 3
    22 दिसम्बर
    सही
    गलत
  • 4
    21 मार्च
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "21 जून"
व्याख्या :

1. राजस्थान में प्रकाश की सर्वाधिक लम्बी अवधि 21 जून को रहती है। इस दिन सूर्य की किरणें राजस्थान के ऊपर लंबवत पड़ती हैं।

2. इस दिन को ग्रीष्म अयनांत कहा जाता है, जो ग्रीष्म ऋतु का सबसे लंबा दिन होता है।

प्र:

राजस्थान में सर्वाधिक आँधियाँ किस जिले में आती हैं ?

1011 0

  • 1
    बीकानेर
    सही
    गलत
  • 2
    बाड़मेर
    सही
    गलत
  • 3
    श्रीगंगानगर
    सही
    गलत
  • 4
    जैसलमेर
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 3. "श्रीगंगानगर"
व्याख्या :

1. राजस्थान में सर्वाधिक आँधियाँ श्रीगंगानगर जिले में आती हैं। श्रीगंगानगर जिले में मई और जून के महीने में लगभग 27 दिनों तक धूल भरी आंधियां रहती है। इसके बाद बीकानेर और जोधपुर है।

प्र:

राजस्थान में ‘जंगल की ज्वाला’  किस वृक्ष को कहा जाता है?

1068 0

  • 1
    रोहिड़ा
    सही
    गलत
  • 2
    पलाश
    सही
    गलत
  • 3
    सागवान
    सही
    गलत
  • 4
    खेजड़ी
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "पलाश"
व्याख्या :

1. राजस्थान में ‘जंगल की ज्वाला’ पलाश वृक्ष को कहा जाता है। पलाश को टेसू के नाम से भी जाना जाता है।

2. यह एक मध्यम आकार का वृक्ष है जिसकी ऊँचाई लगभग 6-12 मीटर होती है।

3. ब्यूटिया मोनोस्पर्म वैज्ञानिक नाम है।

4. पलाश के फूल चमकीले लाल या पीले रंग के होते हैं और 5. जनवरी से मार्च के महीने में खिलते हैं। पलाश के फूलों की भरमार के कारण इस वृक्ष को ‘जंगल की ज्वाला’ कहा जाता है।

प्र:

हाड़ौती के पठार की औसत ऊँचाई है ?

1294 0

  • 1
    650 मी.
    सही
    गलत
  • 2
    700 मी.
    सही
    गलत
  • 3
    200 मी.
    सही
    गलत
  • 4
    500 मी.
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 4. "500 मी."
व्याख्या :

1. राजस्थान का दक्षिणी-पूर्वी भाग एक पठारी भाग है, जिसे 'दक्षिणी-पूर्वी पठार एवं हाडौती के पठार' के नाम से जाना जाता है। यह मालवा के पठार का विस्तार है |

2. इस क्षेत्र की औसत ऊँचाई 500 मीटर है तथा यहाँ अर्द्ध-चन्द्राकार रूप में पर्वत श्रेणियों का विस्तार है जो क्रमशः बूंदी और मुकुन्दवाड़ा की पहाड़ियों के नाम से जानी जाती है। यहाँ चम्बल नदी और इसकी प्रमुख सहायक कालीसिंह, परवन और पार्वती नदियाँ प्रवाहित है, उनके द्वारा निर्मित मैदानी प्रदेश कृषि के लिये उपयुक्त है।

3. दक्षिणी - पूर्वी पठार प्रदेश (हाडौती के पठार) प्रमुख विशेषता -

- इस क्षेत्र में राज्य की 11 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

- दक्षिण पूर्वी पठारी प्रदेश राज्य के कुल क्षेत्रफल का 9.6 प्रतिशत है।

- इसका विस्तार भीलवाड़ा, फोटो, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों में है।

- यह पठारी भाग अरावली और विंध्याचल पर्वत के बीच संक्रान्ति प्रदेश है।

- इस प्रदेश में लावा मिश्रित शैल एवं विन्ध्य शैलों का सम्मिश्रण है।

प्र:

‘राजस्थान का प्रादेशिक भूगोल’ पुस्तक के लेखक है ?

3531 0

  • 1
    प्रो. वी.सी. मिश्रा
    सही
    गलत
  • 2
    डॉ. राम लोचन सिंह
    सही
    गलत
  • 3
    प्रो. तिवारी
    सही
    गलत
  • 4
    डॉ. हरिमोहन सक्सेना
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 4. "डॉ. हरिमोहन सक्सेना"
व्याख्या :

1. डॉ. हरिमोहन सक्सेना ने 1994 में “राजस्थान का प्रादेशिक भूगोल" नामक पुस्तक की रचना की जिसमें उच्चावच एवं भौगोलिक संरचना के आधार पर राजस्थान को चार भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया गया।


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उत्तर : 1. "1,2 "
व्याख्या :

1. दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग: राजस्थान का दक्षिणी-पूर्वी भाग एक पठारी भाग है, जिसे 'दक्षिणी-पूर्वी पठार एवं हाडौती के पठार' के नाम से जाना जाता है। यह मालवा के पठार का विस्तार है।

2. अरावली पर्वत श्रेणी: अरावली भारत के पश्चिमी भाग राजस्थान में स्थित एक पर्वतमाला है। जिसे राजस्थान में आडावाला पर्वत के नाम से भी जाना जाता है।

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