Rajasthan GK Practice Question and Answer

Q:

राजस्थान में जब अंतिम बार राष्ट्रपति शासन लगा तब यहाँ के राज्यपाल कौन थे ?

1303 0

  • 1
    बसंतराव पाटिल
    Correct
    Wrong
  • 2
    ऍम चन्ना रेड्डी
    Correct
    Wrong
  • 3
    रघुकुल तिलक
    Correct
    Wrong
  • 4
    देवी प्रसाद चटोपाध्याय
    Correct
    Wrong
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Answer : 2. "ऍम चन्ना रेड्डी "

Q:

राज्य में सोने का उत्पादन किस जिले में होता है—

1303 0

  • 1
    झुंझुनूं
    Correct
    Wrong
  • 2
    राजसमन्द
    Correct
    Wrong
  • 3
    उदयपुर
    Correct
    Wrong
  • 4
    सिरोही
    Correct
    Wrong
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Answer : 1. "झुंझुनूं"

Q:

कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' किस फसल से संबंधित है?

1303 0

  • 1
    चावल
    Correct
    Wrong
  • 2
    मक्का
    Correct
    Wrong
  • 3
    ज्वार
    Correct
    Wrong
  • 4
    गेहूँ
    Correct
    Wrong
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Answer : 2. "मक्का"
Explanation :

1. कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' मक्का फसल से संबंधित है।

2. माही कंचन, माही धवल और मेघा मक्का की किस्में हैं। राजस्थान राज्य में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और बूंदी हैं।

Q:

राजस्थान के थार मरुस्थल की परम्परागत जल संग्रहण तकनीक है -

1302 0

  • 1
    टांका
    Correct
    Wrong
  • 2
    खडिन
    Correct
    Wrong
  • 3
    बावड़ी
    Correct
    Wrong
  • 4
    तालाब
    Correct
    Wrong
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Answer : 1. "टांका"
Explanation :

1. खडीन-यह एक मिट्टी का बना हुआ अस्थायी तालाब होता है, इसे किसी ढाल वाली भूमि के नीचे बनाते हैं । इसके दोनों ओर मिट्टी की दीवार (धोरा) तथा तीसरी ओर पत्थर से बनी मजबूत दीवार होती है । जल की अधिकता पर खड़ीन भर जाता है तथा जल आगे वाली खडीन में चला जाता है । खडीन में जल के सूख जाने पर, इसमें कृषि की जाती है।

2. तालाब-राजस्थान में प्राय: वर्षा के जल का संग्रहण तालाब में किया जाता है। यहाँ स्त्रियों व पुरुषों के नहाने के पृथक् से घाट होते हैं। तालाब की तलहटी में कुआं बना होता है, जिसे बेरी कहते हैं। जल संचयन की यह प्राचीन विधि आज भी अपना महत्व रखती है। इससे भूमि जल का स्तर बढ़ता है।

4. बावड़ी-राजस्थान में बावड़ियों का अपना स्थान है । यह जल संग्रहण करने का प्राचीन तरीका है। यह गहरी होती है व इसमें उतरने के लिए सीढियाँ एवं तिबारे होते हैं तथा यह कलाकृतियों से सम्पन्न होती है ।

5. टांका: टांका एक भूमिगत जलाशय है जिसे वर्षा के जल को संग्रहित करने के लिए बनाया जाता है। टांका आमतौर पर एक वर्गाकार या आयताकार आकार का होता है और इसका निर्माण मिट्टी या पत्थर से किया जाता है। टांका के चारों ओर एक दीवार बनाई जाती है ताकि वर्षा का जल इसमें इकट्ठा हो सके।

Q:

जैसलमेर जिले में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा शुरू की गई परम्परागत जल संरक्षण की विधि कहलाती है?

1301 0

  • 1
    टांका
    Correct
    Wrong
  • 2
    खड़ीन
    Correct
    Wrong
  • 3
    जोहड़
    Correct
    Wrong
  • 4
    कुंड़ी
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 2. "खड़ीन "

Q:

निम्नलिखित में से कौनसा (आभूषण मानव - अंग ) सुमेलित नहीं है? -

1301 0

  • 1
    सुरलिया - कान
    Correct
    Wrong
  • 2
    तिमणिया - गला
    Correct
    Wrong
  • 3
    रमझोल - कलाई
    Correct
    Wrong
  • 4
    तगड़ी - कमर
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. "रमझोल - कलाई "
Explanation :

सही उत्तर रामझोल - कमर है। बंगड़ी (बांगड़ी) - राजस्थानी महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली दो चूड़ियों का एक सेट, बंगड़ी चूड़ियों में एक मोटी लाल परत होती है और चूड़ियों को ढकने वाला एक छोटा गोल सोने का उभार होता है। तिमानिया (तिमानिया): बिना तराशे हीरों का यह चोकर सेट राजस्थान में पसंदीदा आभूषणों में से एक है।


Q:

राजस्थान में प्रि कैम्ब्रियन चट्टानों का आधारभूत वर्णन किसके द्वारा किया गया है?

1301 0

  • 1
    सी. ए. हैकेट
    Correct
    Wrong
  • 2
    एम. एस. खुराना
    Correct
    Wrong
  • 3
    ला टोचे
    Correct
    Wrong
  • 4
    ए.एम. हेरोन
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 4. " ए.एम. हेरोन"
Explanation :

1. पूर्व-कैम्ब्रियन भूगर्भिक युगों में सबसे पुराना है, जो तलछटी चट्टान की विभिन्न परतों द्वारा चिह्नित हैं।

2. ये चट्टान की परतें, जो लाखों वर्षों में जमा की गई थीं, पृथ्वी के अतीत का एक स्थायी रिकॉर्ड प्रदान करती हैं, जिसमें पौधों और जानवरों के जीवाश्म अवशेष शामिल हैं, जिन्हें तलछट के उत्पादन के दौरान दफनाया गया था।

3. राजस्थान की पूर्व-कैम्ब्रियन चट्टानों का वर्णन मूल रूप से ए. एम. हेरोन द्वारा किया गया है।

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