General Hindi Question and Answer Practice Question and Answer
8 Q:निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नके उत्तर दीजिए :
इतिहास प्रमाणित कर देता है कि ऐसे दासत्व बहुत काल के उपरान्त एक अद्भुत संहारक शक्ति को जन्म देते हैं, जिसकी बाढ़ को रोकने में शक्तिशाली भी समर्थ नहीं हो सके। मनुष्य स्वभावतः जीवन से बहुत प्यार करता है, परन्तु जब सहयोगियों के निष्ठुर उत्पीड़न से वह नितान्त दुर्वह हो उठता है, तब उसकी ममता घोरतम विरक्ति में परिवर्तित हो जाती है। पीड़ितों का समाधान संभव हो सकता है, परन्तु ऐसे में हताश और जीवन के प्रति निर्मम व्यक्तियों का संभाषण संभव नहीं है। ऐसे व्यक्तियों का वेग आँधी के समान चक्षुहीन, बाढ़ के समान दिशाहीन और विद्युत के समान लक्ष्यहीन हो जाता है।
'संहारक' शब्द का संधि - विच्छेद है
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621f442130b5265430efc381इतिहास प्रमाणित कर देता है कि ऐसे दासत्व बहुत काल के उपरान्त एक अद्भुत संहारक शक्ति को जन्म देते हैं, जिसकी बाढ़ को रोकने में शक्तिशाली भी समर्थ नहीं हो सके। मनुष्य स्वभावतः जीवन से बहुत प्यार करता है, परन्तु जब सहयोगियों के निष्ठुर उत्पीड़न से वह नितान्त दुर्वह हो उठता है, तब उसकी ममता घोरतम विरक्ति में परिवर्तित हो जाती है। पीड़ितों का समाधान संभव हो सकता है, परन्तु ऐसे में हताश और जीवन के प्रति निर्मम व्यक्तियों का संभाषण संभव नहीं है। ऐसे व्यक्तियों का वेग आँधी के समान चक्षुहीन, बाढ़ के समान दिशाहीन और विद्युत के समान लक्ष्यहीन हो जाता है।
- 1सम् + हारकtrue
- 2सम + हारकfalse
- 3सन + हारकfalse
- 4सन् + हारकfalse
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Answer : 1. "सम् + हारक "
Q: निम्नलिखित किस विकल्प में संधि का सही प्रयोग नहीं हुआ है?
959 0634932f5455735285616b55b
634932f5455735285616b55b- 1देव + ऋषि = देवर्षिfalse
- 2वधू + आगमन = वध्वागमनfalse
- 3परम + ईश्वर = परमेश्वरfalse
- 4ज्ञान + ऊदय = ज्ञानोदयtrue
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Answer : 4. "ज्ञान + ऊदय = ज्ञानोदय"
Q: संज्ञा से निर्मित विशेषण नहीं है -
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636a53055c30150185d5ebb7- 1भागनाtrue
- 2नागरिकfalse
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- 4शारीरिकfalse
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Answer : 1. "भागना"
Q: 'ढ' का उच्चारण स्थान है?
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63c0011f1b93047bc2185770- 1कण्ठfalse
- 2तालुfalse
- 3मुद्धाtrue
- 4दन्तfalse
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Answer : 3. "मुद्धा"
Q: निम्नलिखित में से किस शब्द में व्यंजन संधि है?
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63998fc5c0ba0122ec8d2fb6- 1देवालयfalse
- 2पवनfalse
- 3स्वागतfalse
- 4उच्छ्वासtrue
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Answer : 4. "उच्छ्वास"
Q: निम्न में से कौनसा विलोम -युग्म सही नहीं है?
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63455f621bfb042f96b59f1d- 1इष्ट - अनिष्टfalse
- 2आशा - निराशाfalse
- 3उर्वर - ऊसरfalse
- 4आधुनिक - नवीनtrue
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Answer : 4. "आधुनिक - नवीन"
Q: किस विकल्प में शुद्ध वाक्य है?
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63ac3f6b612ead74ab550e25- 1मुझसे यह काम संभव नहीं हो सकता।false
- 2शब्द केवल संकेतमात्र है।false
- 3चाहे जैसे हो, तुम वहाँ जाओ।true
- 4थोड़ी देर बाद वे वापस लौट आये।false
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Answer : 3. "चाहे जैसे हो, तुम वहाँ जाओ।"
Q:निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नउत्तर लिखिए :
आचार्य द्रोण महर्षि भरद्वाज के पुत्र थे। पांचाल - नरेश का पुत्र द्रुपद भी द्रोण के साथ ही भरद्वाज - आश्रम में शिक्षा पा रहा था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कभी - कभी राजकुमार द्रुपद उत्साह में आकर दोण से यहाँ तक कह देता था कि पांचाल देश का राजा बन जाने पर मैं आधा राज्य तुम्हें दे दूँगा। शक्षा समाप्त होने पर द्रोणाचार्य ने कृपाचार्य की बहन से ब्याह कर लिया। उससे उनके एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने अश्वत्थामा रखा । द्रोण अपनी पत्नी और पुत्र को बड़ा प्रेम करते थे। द्रोण बड़े गरीब थे। वह चाहते थे कि धन गप्त किया जाए और अपनी पत्नी व पुत्र के साथ सुख से रहा जाए । उन्हें खबर लगी कि परशुराम अपनी सारी संपत्ति गरीब ब्राह्मणों को बाँट रहे हैं , तो भागे - भागे उनके पास गए , लेकिन उनके नहुँचने तक परशुराम अपनी सारी संपत्ति वितरित कर चुके थे और वन - गमन की तैयारी कर रहे थे । दोण को देखकर वह बोले- " ब्राह्मण श्रेष्ठ ! आपका स्वागत है। पर मेरे पास जो कुछ था , वह मैं बाँट चुका हूँ । अब यह मेरा शरीर और धनुर्विद्या ही है। बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ? "
गरीब किस भाषा का शब्द है?
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6231e5bdafe5316e153c36c2आचार्य द्रोण महर्षि भरद्वाज के पुत्र थे। पांचाल - नरेश का पुत्र द्रुपद भी द्रोण के साथ ही भरद्वाज - आश्रम में शिक्षा पा रहा था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कभी - कभी राजकुमार द्रुपद उत्साह में आकर दोण से यहाँ तक कह देता था कि पांचाल देश का राजा बन जाने पर मैं आधा राज्य तुम्हें दे दूँगा। शक्षा समाप्त होने पर द्रोणाचार्य ने कृपाचार्य की बहन से ब्याह कर लिया। उससे उनके एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने अश्वत्थामा रखा । द्रोण अपनी पत्नी और पुत्र को बड़ा प्रेम करते थे। द्रोण बड़े गरीब थे। वह चाहते थे कि धन गप्त किया जाए और अपनी पत्नी व पुत्र के साथ सुख से रहा जाए । उन्हें खबर लगी कि परशुराम अपनी सारी संपत्ति गरीब ब्राह्मणों को बाँट रहे हैं , तो भागे - भागे उनके पास गए , लेकिन उनके नहुँचने तक परशुराम अपनी सारी संपत्ति वितरित कर चुके थे और वन - गमन की तैयारी कर रहे थे । दोण को देखकर वह बोले- " ब्राह्मण श्रेष्ठ ! आपका स्वागत है। पर मेरे पास जो कुछ था , वह मैं बाँट चुका हूँ । अब यह मेरा शरीर और धनुर्विद्या ही है। बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ? "
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