Rajasthan Art and Culture प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें
8 प्र: निम्नलिखित में से कौन सी कृति/रचना मणि मधुकर की नहीं है?
1244 0630de2a05dea296d1256f70d
630de2a05dea296d1256f70d- 1पगफेरोfalse
- 2सुधि सपनों के तीरfalse
- 3रस गंधर्वfalse
- 4जामारोtrue
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 4. "जामारो"
प्र: आखा तीज किस माह में आती है?
1241 062ff6667fef7996822dd8ad1
62ff6667fef7996822dd8ad1- 1वैशाखtrue
- 2कार्तिकfalse
- 3चैत्रfalse
- 4फाल्गुनfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "वैशाख"
प्र: शीतला माता का मंदिर कहां स्थित है-
1240 0632883c65c208a6bf7d851f5
632883c65c208a6bf7d851f5- 1पुष्कर, अजमेरfalse
- 2मड़ोर, जोधपुरfalse
- 3नाथद्वारा, राजसमंदfalse
- 4चाकसू, जयपुरtrue
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 4. "चाकसू, जयपुर"
प्र: 'रज्जब वाणी' पुस्तक किस पंथ/संप्रदाय से संबंधित है?
1237 06385f78f49a42a5ac18f988d
6385f78f49a42a5ac18f988d- 1दादूtrue
- 2विश्नोईfalse
- 3रामस्नेहीfalse
- 4निम्बार्कfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "दादू"
व्याख्या :
'रज्जब वाणी' पुस्तक दादूपंथ से संबंधित है। दादूपंथ एक हिंदू धर्म की एक भक्ति आंदोलन है, जिसकी स्थापना दादू दयाल ने 15वीं शताब्दी में की थी। दादूपंथ का उद्देश्य सभी धर्मों और जाति के लोगों को एक साथ लाने और प्रेम और शांति का प्रसार करना है।
प्र: केसरी सिंह बारहठ ने चेतावनी रा चुंगटिया किसको सम्बोधित करके लिखा?
1236 06408b696a9f6c7de51b48a11
6408b696a9f6c7de51b48a11- 1महाराणा प्रताप सिंहfalse
- 2महाराणा फतेह सिंहtrue
- 3महाराणा अजीत सिंहfalse
- 4मिर्जा राजा जयसिंहfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 2. "महाराणा फतेह सिंह"
व्याख्या :
चेतवनी रा चुंगट्या (देवनागरी: चेतावनी रा चुंगटिया; अनुवाद: द पिंचेस ऑफ एडमोनिशन या अर्जेस टू अवेक) 1903 में ठाकुर केसरी सिंह बारहठ द्वारा रचित एक देशभक्तिपूर्ण डिंगल कविता है और मेवाड़ के महाराणा, फतेह सिंह को संबोधित करते हुए उन्हें परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। अपने वंश का और दिल्ली में शामिल न होने का...
प्र: पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए "हाथी गाँव" कहाँ स्थापित किया गया था?
1234 0637a55ca186ce610f3b9886c
637a55ca186ce610f3b9886c- 1कुंडा गाँव (कूकस)true
- 2रामगढ़false
- 3सांगानेरfalse
- 4नाहरगढ़false
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. " कुंडा गाँव (कूकस)"
प्र: लोकनृत्य 'अग्नि' सम्बन्धित है-
1226 0638a0a5ea528960cccf7a96a
638a0a5ea528960cccf7a96a- 1गरासिया जनजाति सेfalse
- 2कामड़ सम्प्रदाय सेfalse
- 3जसनाथी सम्प्रदाय सेtrue
- 4भील जनजाति सेfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 3. "जसनाथी सम्प्रदाय से "
प्र: राजस्थान के एकमात्र शास्त्रीय नृत्य कत्थक के जयपुर घराने के प्रवर्तक माने जाते हैं
1219 062a094b5cae9f820bae59582
62a094b5cae9f820bae59582- 1लच्छन महाराजfalse
- 2भानुजी महाराजtrue
- 3बिरजू महाराजfalse
- 4उदयशंकर जीfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 2. "भानुजी महाराज "
व्याख्या :
1. कथक नृत्य उत्तर भारतीय शास्त्रीय नृत्य है। कथा कहे सो कथक कहलाए। कथक शब्द का अर्थ कथा को नृत्य रूप से कथन करना है। प्राचीन काल मे कथक को कुशिलव के नाम से जाना जाता था।
2. यह कथक का प्राचीनतम घराना है। जयपुर घराने के प्रवर्तक भानु जी (प्रसिद्ध शिव तांडव नर्तक)हैं।

