Rajasthan Art and Culture प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें

प्र:

 'राजपूत पेंटिंग' शीर्षक से 1916 ई. में किसने पुस्तक लिखी?

1204 0

  • 1
    जयसिंह नीरज
    सही
    गलत
  • 2
    रायकृष्णदास
    सही
    गलत
  • 3
    वाचस्पति गैरोला
    सही
    गलत
  • 4
    आनन्द कुमारस्वामी
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 4. "आनन्द कुमारस्वामी"
व्याख्या :

राजपूत चित्रशैली का पहला वैज्ञानिक विभाजन आनन्द कुमार स्वामी ने किया था उन्होंने 1916 में 'राजपूत पेन्टिंग' नामक पुस्तक लिखी।


प्र:

घोटिया अम्बा का मेला कहाँ लगता है?

1203 0

  • 1
    बांसवाडा
    सही
    गलत
  • 2
    अजमेर
    सही
    गलत
  • 3
    उदयपुर
    सही
    गलत
  • 4
    सिरोही
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 1. "बांसवाडा"

प्र:

भीलवाड़ा निवासी श्रीलाल जोशी किस लोक चित्रकला से सम्बन्धित हैं?

1202 0

  • 1
    फड चित्रण
    सही
    गलत
  • 2
    भित्ति चित्र
    सही
    गलत
  • 3
    कागज पर चित्रण
    सही
    गलत
  • 4
    काष्ठ चित्रण
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 1. "फड चित्रण"

प्र:

बमरसिया कौन से क्षेत्र का एक लोकप्रिय लोकनृत्य है?

1198 0

  • 1
    मारवाड़
    सही
    गलत
  • 2
    शेखावाटी
    सही
    गलत
  • 3
    जालौर
    सही
    गलत
  • 4
    अलवर-भरतपुर
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 4. "अलवर-भरतपुर"

प्र:

निम्न में से कौन सी संस्था कठपुतली कला के राजस्थान में संरक्षण - संवर्धन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए जानी जाती है? 

1196 0

  • 1
    इंडियन आर्ट पैलेस, दिल्ली
    सही
    गलत
  • 2
    सार्दूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट, बीकानेर
    सही
    गलत
  • 3
    भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर
    सही
    गलत
  • 4
    राजस्थानी शोध संस्थान, जोधपुर
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 3. "भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर "
व्याख्या :

1. भारतीय लोक कला मंडल राजस्थान में कठपुतली कला के संरक्षण और संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। यह संस्था 1952 में उदयपुर में स्थापित की गई थी। इसका उद्देश्य लोक कलाओं, प्रदर्शन कलाओं और कठपुतलियों के क्षेत्र में ज्ञान और शोध को बढ़ावा देना है।

2. भारतीय लोक कला मंडल कठपुतली कला के विभिन्न रूपों को संरक्षित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करता है। इनमें कठपुतली कलाकारों का प्रशिक्षण, कठपुतली नाटकों का प्रदर्शन और कठपुतली कला पर शोध करना शामिल है।

प्र:

'वंश भास्कर' के रचयिता कौन हैं?

1196 0

  • 1
    श्यामल दास
    सही
    गलत
  • 2
    सूर्यमल्ल मिश्रण
    सही
    गलत
  • 3
    जयानक
    सही
    गलत
  • 4
    मुंशी देवी प्रसाद
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 2. "सूर्यमल्ल मिश्रण"
व्याख्या :

1. वंश भास्कर उन्नीसवीं शताब्दी में रचित राजस्थान के इतिहास से सम्बंधित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक पिंगल काव्य ग्रंथ है।

2. इस में बूँदी राज्य एवं उत्तरी भारत का इतिहास वर्णित है। वंश भास्कर की रचना चारण कवि सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा की गई थी जो बूँदी के हाड़ा शासक महाराव रामसिंह के दरबारी कवि थे।

प्र:

तीर्थ स्थल 'गलियाकोट' किस नदी के किनारे स्थित है?

1194 0

  • 1
    परवन
    सही
    गलत
  • 2
    माही
    सही
    गलत
  • 3
    साबरमती
    सही
    गलत
  • 4
    सोम
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 2. "माही "

प्र:

'जंतर' वाद्य यंत्र किसके द्वारा बजाया जाता है?

1188 0

  • 1
    देवनारायण जी के भोपे
    सही
    गलत
  • 2
    पाबू जी के भोपे
    सही
    गलत
  • 3
    गरासिया जाति
    सही
    गलत
  • 4
    भील जाति
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 1. "देवनारायण जी के भोपे "
व्याख्या :

1. यह वाद्य वीणा का प्रारम्भिक रूप कहा जा सकता है। इसकी आकृ वीणा से मिलती है तथा उसी के समान इसमें दो तुम्बे होते हैं। 

2.  इसकी डाँड बाँस की होती है जिस पर एक विशेष पशु की खाल के बने 22 पर्दे मोम से चिपकाये जाते हैं। कभी-कभी ये मगर की खाल के भी होते हैं। 

3. परदों के ऊपर पाँच या छः तार लगे होते हैं। तारों को हाथ की अंगुली और अंगूठे के आधार से इस प्रकार अघात करके बजाया जाता है कि ताल भी उसी से ध्वनित होने लगती है। 

3. मेवाड़ और बदनौर, नेगड़िया, सवाई भोज आदि क्षेत्रों के भोपे इसके वादन में कुशल है।

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई

      त्रुटि की रिपोर्ट करें

    कृपया संदेश दर्ज करें
    त्रुटि रिपोर्ट सफलतापूर्वक जमा हुई