Rajasthan Political GK Questions प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें

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उत्तर : 4. "(i) एवं (ii) दोनों सही हैं"

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उत्तर : 2. "(i), (iii) और (iv)"

प्र:

राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या 200 किस वर्ष हुई?

1544 0

  • 1
    1952
    सही
    गलत
  • 2
    1967
    सही
    गलत
  • 3
    1977
    सही
    गलत
  • 4
    1987
    सही
    गलत
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उत्तर : 3. "1977"
व्याख्या :

1. परिसीमन आयोग द्वारा निर्धारित राजस्थान विधान सभा की सदस्यता 1952 में 160 की गई थी और वर्तमान में उसी आयोग की काफी सिफारिशों के बाद 200 है।


प्र:

राजस्थान में संभागीय आयुक्त व्यवस्था को कब पुनर्जीवित किया गया?

1541 0

  • 1
    1977
    सही
    गलत
  • 2
    1985
    सही
    गलत
  • 3
    1987
    सही
    गलत
  • 4
    1989
    सही
    गलत
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उत्तर : 3. "1987 "
व्याख्या :

1. 1962 में राजस्थान संभागीय आयुक्त के कार्यालय का उन्मूलन किया गया और 1987 में पुनर्जीवित किया गया।

2. आयुक्तों की भूमिकाएँ और शक्तियाँ एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न होती हैं लेकिन एक सामान्य पहल है।

प्र:

राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर कौन आसीन नहीं रहा?

1509 0

  • 1
    लाड कुमारी जैन
    सही
    गलत
  • 2
    कांता कथूरिया
    सही
    गलत
  • 3
    तारा भण्डारी
    सही
    गलत
  • 4
    गिरिजा व्यास
    सही
    गलत
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उत्तर : 4. "गिरिजा व्यास "

प्र:

बलवन्त राय मेहता समिति थी:

1485 0

  • 1
    लोकतांत्रिक विकेन्द्रीयकरण पर
    सही
    गलत
  • 2
    पंचायती राज संस्थाओं पर
    सही
    गलत
  • 3
    ग्रामीण विकास पर
    सही
    गलत
  • 4
    सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर
    सही
    गलत
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उत्तर : 4. "सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर"
व्याख्या :

1. पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की एक शाखा है जो राज्यों में विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन की चल रही प्रक्रिया की देखभाल करती है।

2.  पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण भारत की स्थानीय स्वशासन की प्रणाली है। जिस तरह से नगरपालिकाओं तथा उपनगरपालिकाओं के द्वारा शहरी क्षेत्रों का स्वशासन चलता है, उसी प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का स्वशासन चलता है।

3.  पंचायती राज संस्थाएँ तीन स्तरहैं।

(1) ग्राम के स्तर :  ग्राम पंचायत

(2) ब्लॉक स्तर : पंचायत समिति

(3) जिला स्तर : जिला परिषद

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उत्तर : 2. "(iii) एवं (iv)"
व्याख्या :

1. लोकायुक्त संस्था का सृजन जन साधारण को स्वच्छ प्रशासन प्रदान करने के उद्देश्य से लोक सेवकों के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं पद के दुरूपयोग सम्बन्धी शिकायतों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से जॉंच एवं अन्वेषण करने हेतु राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अन्तर्गत हुआ।

2. लोकायुक्त एक स्वतंत्र संस्थान है जिसका क्षेत्राधिकार सम्पूर्ण राजस्थान राज्य है। यह राज्य सरकार का कोई विभाग नहीं है और न ही इसके कार्य में सरकार का कोई हस्तक्षेप है।

3. राजस्थान में लोकायुक्त की जाँच के दायरे में मंत्री, सचिव और स्वायत्त शासन संस्थानों के अध्यक्ष आते हैं।

4. वर्त्तमान में लोकायुक्त (राजस्थान) माननीय न्‍यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्‍ण लोहरा हैं।

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उत्तर : 3. " (i), (ii) एवं (iii)"

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