Indian History Practice Question and Answer
8 Q: पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में कोया विद्रोह किस वर्ष हुआ था?
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Answer : 3. "1879-1880"
Explanation :
पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में कोया विद्रोह:
1. वर्ष: 1879
2. प्रमुख कारण: ब्रिटिश शासन के खिलाफ असंतोष
3. प्रमुख नेता: गुंडा राम
प्रमुख घटनाएं:
1. विद्रोहियों ने कई ब्रिटिश अधिकारियों और सैनिकों को मार डाला।
2. विद्रोहियों ने कई सरकारी इमारतों को नष्ट कर दिया।
परिणाम:
1. ब्रिटिश सरकार ने विद्रोह को दबा दिया।
2. ब्रिटिश सरकार ने कोया लोगों के साथ अधिक उदारता से व्यवहार करने का वादा किया।
Q: बलबन की उपाधि किसने धारण की थी?
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649aa5f43662c8741dfd99d8- 1कबीर खानfalse
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Answer : 3. "उलुग खान"
Explanation :
1. यह उपाधि उलुग खान ने धारण की थी।
2. बलबन की उपाधि ज़िल-ए-इलाही थी, जिसका अर्थ है "ईश्वर की छाया"।
Q: भरत जन के नाम पर इंडिया का नाम 'भारत' रखा गया। निम्नलिखित में से किस वेद में इस जन का सर्वप्रथम उल्लेख मिलता है?
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649a9808ab3c5fffc2e06f52- 1ऋग्वेदtrue
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Answer : 1. "ऋग्वेद"
Explanation :
भरत जन का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद वेद में मिलता है।
1. वेद: ऋग्वेद
2. मंडल: तीसरा
3. उल्लेख: विश्वामित्र के पुत्र भरत का उल्लेख
4. महत्व: भारत जन के नाम पर इंडिया का नाम 'भारत' रखा गया।
अतिरिक्त जानकारी:
1. ऋग्वेद के सातवें मंडल में भरत जनों की दस राजाओं के युद्ध (दशराज्ञ युद्ध) में भूमिका का बखान है जिसमें उनकी तृत्सु शाखा के राजा सुदास विजयी रहे।
2. इससे हिन्द-आर्यों पर उनका बोलबाला हो गया और भारत लोग सिन्धु नदी क्षेत्र से आगे बढ़कर कुरुक्षेत्र के इलाक़े में बस पाए।
3. उस काल में राजनैतिक व्यवस्था गणतांत्रिक क़बीलों से परिवर्तित होकर राजाओं पर केन्द्रित भी हो रही थी।
Q: जम्मू-कश्मीर में पुरातात्विक महत्व का स्थल निम्नलिखित में से कौन सा है?
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64919ef11a612ce001da2bae- 1मास्कीfalse
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Answer : 2. "बुर्जहोम"
Explanation :
1. बुर्जहोम पुरातात्विक स्थल, श्रीनगर के पास, जो नवपाषाण काल से लेकर मध्यकाल तक के मानव गतिविधियों के प्रमाण प्रदान करता है।
2. बुर्जहोम पुरातात्विक स्थल, जम्मू-कश्मीर में सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक है।
3. यह स्थल, नवपाषाण काल से लेकर मध्यकाल तक के मानव गतिविधियों के प्रमाण प्रदान करता है।
4. इस साइट को 15 अप्रैल 2014 को UNESCO की विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए नामित किया गया था।
Q: निम्नलिखित में से कौन, महाराष्ट्र के एक संत थे?
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64919e754e0960e0546c081e- 1दादू दयालfalse
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Answer : 2. "चोखामेला"
Explanation :
1. चोखामेला 14वीं शताब्दी में भारत के महाराष्ट्र में एक संत थे।
2. उनका जन्म बुलढाणा जिले के देउलगांव राजा तालुका के एक गांव मेहना राजा में हुआ था।
3. वह भारत में अछूत जातियों में से एक, महार जाति के थे।
Q: चोल शिलालेखों में तिरुनामट्टुक्कानी को ‘______’ के रूप में वर्णित किया गया है।
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64919d90187426e0495d7e3f- 1ब्राह्मणों को भेंट की गई जमीनfalse
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Answer : 4. "मंदिरों को भेंट की गई भूमि"
Explanation :
1. चोल शिलालेखों में तिरुनामट्टुक्कानी को मंदिर को दी गई भूमि के रूप में वर्णित किया गया है।
2. तिरुनामट्टुक्कानी शब्द का शाब्दिक अर्थ है "ईश्वर का दान" चोल काल में, मंदिरों को भूमि, धन, और अन्य संपत्तियों के रूप में दान दिया जाता था। इस दान को तिरुनामट्टुक्कानी कहा जाता था।
3. चोल शिलालेखों में भूमि की कई श्रेणियों का उल्लेख है:
* शलभोग- एक स्कूल के रखरखाव के लिए भूमि।
* पल्लिच्छंदम- जैन संस्थाओं को दान की गई भूमि।
* वेल्लनवगई- गैर-ब्राह्मण किसान मालिकों की भूमि
* ब्रह्मदेय- ब्राह्मणों को उपहार में दी गई भूमि।
4. चोल काल में मंदिरों को दी गई भूमि का उपयोग मंदिरों के रखरखाव, पूजा-पाठ, और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता था। यह मंदिरों के आर्थिक और सामाजिक महत्व को दर्शाता है।
Q: पुरावशेष और बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम, 1972 की धारा 2 के अनुसार, ‘पुरावशेष’ में ऐसी 'कोई पांडुलिपि, अभिलेख या अन्य दस्तावेज शामिल हैं जो वैज्ञानिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक या सौंदर्यमूलक हों और जो कम से कम ______ वर्षों से अस्तित्व में हों।'
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Answer : 4. "75"
Explanation :
1. पुरावशेष और बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम, 1972 की धारा 2 के अनुसार, ‘पुरावशेष’ में ऐसी 'कोई पांडुलिपि, अभिलेख या अन्य दस्तावेज शामिल हैं जो वैज्ञानिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक या सौंदर्यमूलक हों और जो कम से कम 75 वर्षों से अस्तित्व में हों।'
2. इस प्रकार, कोई भी पुरावस्तु जो कम से कम 75 वर्षों से अस्तित्व में है, उसे भारत में एक पुरावशेष माना जाता है।
3. पुरावशेषों को भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और उनके संरक्षण के लिए कानूनी प्रावधान हैं।
Q: खिलजी राजवंश ने ______ तक दिल्ली पर शासन किया।
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Answer : 1. "1290 से 1320"
Explanation :
1. खिलजी राजवंश ने 1290 से 1320 तक दिल्ली पर शासन किया।
2. इस वंश का संस्थापक जलालुद्दीन फिरोज खिलजी था, जिसने 1290 में कैकुबाद को मारकर सत्ता हासिल की।
3. इस वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक अलाउद्दीन खिलजी थे, जिन्होंने 1296 से 1316 तक शासन किया।
4. अलाउद्दीन खिलजी ने राजपूताना के एक शक्तिशाली राज्य चित्तौड़ को 1303 ई. में जीता था।
5. खिलजी राजवंश में उलुगखान और नुसरत खान जैसे दो महान सेनापति भी हुये हैं।
6. अलाउद्दीन खिलजी की बाज़ार व्यवस्था और भू-राजस्व प्रशासन पर भी काम भी किया हैं।

