Rajasthan Art History and Culture Practice Question and Answer

Q:

तेजाजी के पुजारी को क्या कहा जाता है?

2068 0

  • 1
    घोडेला
    Correct
    Wrong
  • 2
    पंडा
    Correct
    Wrong
  • 3
    पुजारियों
    Correct
    Wrong
  • 4
    माहाराज
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "घोडेला"

Q:

प्रसिद्ध लोक देवता पाबूजी का जन्म कब हुआ था?

2061 0

  • 1
    1240
    Correct
    Wrong
  • 2
    1235
    Correct
    Wrong
  • 3
    1105
    Correct
    Wrong
  • 4
    1239
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "1239"
Explanation :

1. पाबूजी का जन्म 1239 ईस्वी को कोलू (वर्तमान बाड़मेर, राजस्थान) में हुआ था। उनके पिता का नाम धांधल जी राठौड़ था। धांधल जी राठौड़ की चार संताने थी जिनमें से उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां थी। उनके पुत्रों के नाम पाबूजी व बूरा थे तथा उनकी पुत्रियों के नाम सोना व पेमा था।

2. इतिहासकार मुहणौत नैणसी, महाकवि मोडजी आशिया व क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, पाबूजी राठौड़ का जन्म अप्सरा के गर्भ से हुआ था। उनके अनुसार पाबूजी का जन्म स्थान वर्तमान बाड़मेर शहर से 8 कोस आगे खारी खाबड़ के जूना नामक गांव था।

3. पाबूजी का पूजा स्थल कोलू (फलोदी) में है। यहां कोलू में ही प्रतिवर्ष उनका मेला भी भरता है। क्योंकि वे अपने विवाह के बीच में उठकर गायों को बचाने गए थे जिसकी वजह से उन्हें दूल्हे के वस्त्रों में दिखाया जाता है। उनका प्रतीक चिन्ह हाथ में भाला लिए अश्वारोही के रूप में प्रचलित है।

4. पाबूजी को ग्रामीण लोग लक्ष्मण जी का अवतार मानते हैं और लोकदेवता के रूप में पूजते हैं। जनमानस पाबूजी को ऊँटो के देवता के रूप में भी पूजती है।

5. पाबूजी की घोड़ी का नाम केसर कालमी था।

Q:

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोहनलाल किस शिल्प कला से संबंधित है?

2061 0

  • 1
    थेवा कला
    Correct
    Wrong
  • 2
    उस्ता कला
    Correct
    Wrong
  • 3
    बंधेज कला
    Correct
    Wrong
  • 4
    मोलेला मृण्मूर्ति कला
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "मोलेला मृण्मूर्ति कला"

Q:

कालीबंगा से निम्न में से किस फसल के अवशेष प्राप्त हुए हैं?

2059 0

  • 1
    जौं
    Correct
    Wrong
  • 2
    सोयाबीन
    Correct
    Wrong
  • 3
    रागी
    Correct
    Wrong
  • 4
    चावल
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "जौं "
Explanation :

1. कपास की खेती के अवशेष मिले है साथ ही मिक्षित खेती (चना व सरसो) के साथ जौं साक्ष्य मिले है।

2. कालीबंगा से प्राप्त हल से अंकित रेखाएँ भी प्राप्त हुई हैं जो यह सिद्ध करती हैं कि यहाँ का मानव कृषि कार्य भी करता था।

3. इसकी पुष्टि बैल व अन्य पालतू पशुओं की मूर्तियों से भी होती हैं और बैल व बारहसिंघ की अस्थियों भी प्राप्त हुई हैं। बैलगाड़ी के खिलौने भी मिले हैं।

Q:

अंग्रेजों से सर्वप्रथम किस रियासत ने संधि की?

2058 0

  • 1
    करौली
    Correct
    Wrong
  • 2
    टोंक
    Correct
    Wrong
  • 3
    कोटा
    Correct
    Wrong
  • 4
    जोधपुर
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "करौली"

Q:

संत पीपा के गुरु थे? 

2052 0

  • 1
    रामानुज
    Correct
    Wrong
  • 2
    कबीर
    Correct
    Wrong
  • 3
    रामानंद
    Correct
    Wrong
  • 4
    शंकराचार्य
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. " रामानंद "

Q:

निम्नलिखित में से कौन-सी लोक संगीत एवं नृत्य शैली केवल मात्र जयपुर से सम्बंधित है?

2051 0

  • 1
    तमाशा
    Correct
    Wrong
  • 2
    नौटंकी
    Correct
    Wrong
  • 3
    तुर्राकलंगी
    Correct
    Wrong
  • 4
    स्वांग
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "तमाशा "

Q:

शाहपुरा (भीलवाड़ा) में जिस सम्प्रदाय की पीठ स्थित है वह है—

2043 0

  • 1
    दादू सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • 2
    वल्लभ सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • 3
    निम्बार्क सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • 4
    रामस्नेही सम्प्रदाय
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "रामस्नेही सम्प्रदाय"

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully