Rajasthan Art History and Culture Practice Question and Answer

Q:

'राजपूत पेंटिंग' शीर्षक से1916 ई. में किसने पुस्तक लिखी?

1492 0

  • 1
    जयसिंह नीरज
    Correct
    Wrong
  • 2
    वाचस्पति गैरोला
    Correct
    Wrong
  • 3
    आनन्द कुमारस्वानी
    Correct
    Wrong
  • 4
    रायकृष्णदास
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. "आनन्द कुमारस्वानी "
Explanation :

राजपूत चित्रशैली का पहला वैज्ञानिक विभाजन आनन्द कुमार स्वामी ने किया था उन्होंने 1916 में 'राजपूत पेन्टिंग' नामक पुस्तक लिखी।


Q:

राजस्थान में लच्छीराम द्वारा किस ख्याल का प्रवर्तन किया गया?

1490 0

  • 1
    शेखावाटी ख्याल
    Correct
    Wrong
  • 2
    जयपुरी ख्याल
    Correct
    Wrong
  • 3
    कुचामनी ख्याल
    Correct
    Wrong
  • 4
    तुर्रा कलंगी ख्याल
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. "कुचामनी ख्याल"

Q:

चारबैत क्या है? 

1489 0

  • 1
    नाथ समुदाय से जुड़ा प्रसिद्ध नृत्य
    Correct
    Wrong
  • 2
    गैर नृत्य के साथ प्रयुक्त वाद्य
    Correct
    Wrong
  • 3
    गरासिया जनजाति से जुड़ा गीत
    Correct
    Wrong
  • 4
    काव्य से भरपूर एक लोकनाट्य विधा
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "काव्य से भरपूर एक लोकनाट्य विधा "
Explanation :

1. चारबैत एक 400 साल पुरानी पारंपरिक प्रदर्शन कला है, जिसे कलाकारों या गायकों के एक समूह द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। चारबैत या चार श्लोक लोककथाओं और प्रदर्शन कला का एक रूप है।

2. यह आज भी मुख्य रूप से रामपुर (उत्तर प्रदेश), टोंक (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश) और हैदराबाद (आंध्र प्रदेश) में जीवित है।

3. चारबैत शब्द की उत्पत्ति का पता फ़ारसी भाषा में लगाया जा सकता है जहाँ यह चार-श्लोक कविता को संदर्भित करता है जिसमें प्रत्येक छंद चार पंक्तियों से बना होता है।

Q:

नागौर जिले के किस गाँव में तेजाजी की स्मृति में मेला लगता है?

1486 0

  • 1
    अनंतपुरा
    Correct
    Wrong
  • 2
    लदाई
    Correct
    Wrong
  • 3
    परबतसर
    Correct
    Wrong
  • 4
    हरनावा
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. "परबतसर"

Q:

नैणसी की ख्यात में गुहिलों की कितनी शाखाओं का उल्लेख किया है? 

1482 0

  • 1
    बयालीस
    Correct
    Wrong
  • 2
    बीस
    Correct
    Wrong
  • 3
    चौबीस
    Correct
    Wrong
  • 4
    छत्तीस
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. "चौबीस "
Explanation :

1. नैणसी की ख्यात में गुहिलों की 24 शाखाओं का उल्लेख किया गया है।

2. नैणसी की ख्यात एक राजस्थानी ऐतिहासिक ग्रंथ है, जिसे 17वीं शताब्दी में मुहणौत नैणसी ने लिखा था। यह ग्रंथ मेवाड़ के इतिहास पर एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

Q:

. 'मुगती' नामक कविता संग्रह के रचयिता हैं -

1480 0

  • 1
    कीर्ति शर्मा
    Correct
    Wrong
  • 2
    मीठेश निर्मोही
    Correct
    Wrong
  • 3
    विजय वर्मा
    Correct
    Wrong
  • 4
    आशा पाराशर
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 2. "मीठेश निर्मोही"
Explanation :

सही उत्तर मीठेश निर्मोही है। मितेश निर्मोही जी को राजस्थानी भाषा में उनके काव्य संग्रह मुगती के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। साहित्य अकादमी पुरस्कार 1954 में स्थापित भारत का दूसरा सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है।


Q:

निम्नलिखित में से कौन सा मिलान सही नहीं है? 

1479 0

  • 1
    रजब अली खान - वीणा वादक
    Correct
    Wrong
  • 2
    आमिर खान - सितार वादक
    Correct
    Wrong
  • 3
    अल्लाह जिलाई बाई - मांड गायक
    Correct
    Wrong
  • 4
    रवि शंकर - नड़ वादक
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "रवि शंकर - नड़ वादक"
Explanation :

निम्नलिखित में से सभी मिलान सही है।

(A) रजब अली खान - वीणा वादक

(B) आमिर खान - सितार वादक

(C) अल्लाह जिलाई बाई - मांड गायक

(D) रवि शंकर - सितार वादक

Q:

राजस्थान मे मीनाकारी का सर्वोतम कार्य किया जाता है ?

1476 0

  • 1
    जयपुर मे
    Correct
    Wrong
  • 2
    उदयपुर में
    Correct
    Wrong
  • 3
    प्रतापगढ में
    Correct
    Wrong
  • 4
    बूंदी में
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "जयपुर मे "

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully