Rajasthan Art History and Culture प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें
8 प्र: तीर्थ स्थल 'गलियाकोट' किस नदी के किनारे स्थित है?
1206 0630f60e61547bf2f2cbef4fa
630f60e61547bf2f2cbef4fa- 1परवनfalse
- 2माहीtrue
- 3साबरमतीfalse
- 4सोमfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 2. "माही "
प्र: बमरसिया कौन से क्षेत्र का एक लोकप्रिय लोकनृत्य है?
1205 0633c3156d0b67f66a01f7010
633c3156d0b67f66a01f7010- 1मारवाड़false
- 2शेखावाटीfalse
- 3जालौरfalse
- 4अलवर-भरतपुरtrue
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 4. "अलवर-भरतपुर"
प्र: 'वंश भास्कर' के रचयिता कौन हैं?
1203 06364db925c30150185b06c54
6364db925c30150185b06c54- 1श्यामल दासfalse
- 2सूर्यमल्ल मिश्रणtrue
- 3जयानकfalse
- 4मुंशी देवी प्रसादfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 2. "सूर्यमल्ल मिश्रण"
व्याख्या :
1. वंश भास्कर उन्नीसवीं शताब्दी में रचित राजस्थान के इतिहास से सम्बंधित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक पिंगल काव्य ग्रंथ है।
2. इस में बूँदी राज्य एवं उत्तरी भारत का इतिहास वर्णित है। वंश भास्कर की रचना चारण कवि सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा की गई थी जो बूँदी के हाड़ा शासक महाराव रामसिंह के दरबारी कवि थे।
प्र: निम्न में से कौन सी संस्था कठपुतली कला के राजस्थान में संरक्षण - संवर्धन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए जानी जाती है?
1203 062a096a4cae9f820bae59f76
62a096a4cae9f820bae59f76- 1इंडियन आर्ट पैलेस, दिल्लीfalse
- 2सार्दूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट, बीकानेरfalse
- 3भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुरtrue
- 4राजस्थानी शोध संस्थान, जोधपुरfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 3. "भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर "
व्याख्या :
1. भारतीय लोक कला मंडल राजस्थान में कठपुतली कला के संरक्षण और संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। यह संस्था 1952 में उदयपुर में स्थापित की गई थी। इसका उद्देश्य लोक कलाओं, प्रदर्शन कलाओं और कठपुतलियों के क्षेत्र में ज्ञान और शोध को बढ़ावा देना है।
2. भारतीय लोक कला मंडल कठपुतली कला के विभिन्न रूपों को संरक्षित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करता है। इनमें कठपुतली कलाकारों का प्रशिक्षण, कठपुतली नाटकों का प्रदर्शन और कठपुतली कला पर शोध करना शामिल है।
प्र: "दामणा" आभूषण स्त्रियाँ शरीर के किस भाग में पहनती हैं?
1199 062e3e1c5723ac56e88658efb
62e3e1c5723ac56e88658efb- 1अंगुलीtrue
- 2नाकfalse
- 3कानfalse
- 4पैरfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "अंगुली"
प्र: 1857 की क्रांति के समय राजपूताने के A.G.G थे?
1199 061b30fec8b0b930f530152cf
61b30fec8b0b930f530152cf- 1मेजर बर्टनfalse
- 2जॉर्ज पेट्रिक लारेंसtrue
- 3कर्नल जैकfalse
- 4कर्नल जेम्स टॉडfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 2. "जॉर्ज पेट्रिक लारेंस "
प्र: 'जंतर' वाद्य यंत्र किसके द्वारा बजाया जाता है?
1195 063875ae3c878936066d772bc
63875ae3c878936066d772bc- 1देवनारायण जी के भोपेtrue
- 2पाबू जी के भोपेfalse
- 3गरासिया जातिfalse
- 4भील जातिfalse
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 1. "देवनारायण जी के भोपे "
व्याख्या :
1. यह वाद्य वीणा का प्रारम्भिक रूप कहा जा सकता है। इसकी आकृ वीणा से मिलती है तथा उसी के समान इसमें दो तुम्बे होते हैं।
2. इसकी डाँड बाँस की होती है जिस पर एक विशेष पशु की खाल के बने 22 पर्दे मोम से चिपकाये जाते हैं। कभी-कभी ये मगर की खाल के भी होते हैं।
3. परदों के ऊपर पाँच या छः तार लगे होते हैं। तारों को हाथ की अंगुली और अंगूठे के आधार से इस प्रकार अघात करके बजाया जाता है कि ताल भी उसी से ध्वनित होने लगती है।
3. मेवाड़ और बदनौर, नेगड़िया, सवाई भोज आदि क्षेत्रों के भोपे इसके वादन में कुशल है।
प्र: प्रागैतिहासिक काल में प्रचुर ताम्र भण्डार कहाँ पायागया?
1194 062a891f7184ea83a6372a374
62a891f7184ea83a6372a374- 1कालीबंगाfalse
- 2जोधपुराfalse
- 3गणेश्वरtrue
- 4रैढ़false
- उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
- Workspace
- SingleChoice
उत्तर : 3. "गणेश्वर "
व्याख्या :
गणेश्वर सभ्यता- नीम का थाना (सीकर) कांटली नदी के किनारे उत्खनन RC अग्रवाल 1977 विजयकुमार 1978-79 ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी प्रचुर ताम्र सामग्री, मछली के कांटे (हार्पून), ताम्रपीन, पत्थर के मगन/बांध के प्रमाण ।

