Rajasthan Geography Practice Question and Answer

Q:

राजस्थान में पलाश के वन कौन से जिलों में पाये जाते हैं?

1313 0

  • 1
    अलवर, अजमेर, उदयपुर, राजसमंद
    Correct
    Wrong
  • 2
    कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर
    Correct
    Wrong
  • 3
    नागौर, जालौर, भरतपुर, बारां
    Correct
    Wrong
  • 4
    बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 1. "अलवर, अजमेर, उदयपुर, राजसमंद"
Explanation :

1. पलाश (Butea monosperma) राजस्थान की बहुत महत्वपूर्ण प्रजातियों में से एक है जो मुख्यतः दक्षिणी अरावली एवं दक्षिणी-पूर्वी अरावली के आसपास दिखाई देती है। यह प्रजाति 5 उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों का महत्वपूर्ण अंश है तथा भारत में E5 – पलाश वन बनाती है।

2. राजस्थान में पलाश के वन अलवर, अजमेर, उदयपुर, राजसमंद जिलों में पाये जाते हैं।

Q:

राजस्थान के उत्तर में कौन सा राज्य है?

1309 0

  • 1
    गुजरात
    Correct
    Wrong
  • 2
    उत्तर प्रदेश
    Correct
    Wrong
  • 3
    पंजाब
    Correct
    Wrong
  • 4
    पश्चिम बंगाल
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 3. "पंजाब"

Q:

सिरोही जिले में तीव्र ढाल युक्त एवं ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों का स्थानीय नाम है -

1308 0

  • 1
    गिरवा
    Correct
    Wrong
  • 2
    भाकर
    Correct
    Wrong
  • 3
    भोराट
    Correct
    Wrong
  • 4
    थली
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 2. " भाकर"

Q:

राजस्थान में प्रि कैम्ब्रियन चट्टानों का आधारभूत वर्णन किसके द्वारा किया गया है?

1301 0

  • 1
    सी. ए. हैकेट
    Correct
    Wrong
  • 2
    एम. एस. खुराना
    Correct
    Wrong
  • 3
    ला टोचे
    Correct
    Wrong
  • 4
    ए.एम. हेरोन
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. " ए.एम. हेरोन"
Explanation :

1. पूर्व-कैम्ब्रियन भूगर्भिक युगों में सबसे पुराना है, जो तलछटी चट्टान की विभिन्न परतों द्वारा चिह्नित हैं।

2. ये चट्टान की परतें, जो लाखों वर्षों में जमा की गई थीं, पृथ्वी के अतीत का एक स्थायी रिकॉर्ड प्रदान करती हैं, जिसमें पौधों और जानवरों के जीवाश्म अवशेष शामिल हैं, जिन्हें तलछट के उत्पादन के दौरान दफनाया गया था।

3. राजस्थान की पूर्व-कैम्ब्रियन चट्टानों का वर्णन मूल रूप से ए. एम. हेरोन द्वारा किया गया है।

Q:

राजस्थान का क्षेत्रफल है -

1301 0

  • 1
    4,32,239 km^2
    Correct
    Wrong
  • 2
    3,42,239 km^2
    Correct
    Wrong
  • 3
    2,42,239 km^2
    Correct
    Wrong
  • 4
    3,42,439 km^2
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 2. "3,42,239 km^2"

Q:

जैसलमेर जिले में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा शुरू की गई परम्परागत जल संरक्षण की विधि कहलाती है?

1299 0

  • 1
    टांका
    Correct
    Wrong
  • 2
    खड़ीन
    Correct
    Wrong
  • 3
    जोहड़
    Correct
    Wrong
  • 4
    कुंड़ी
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 2. "खड़ीन "

Q:

कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' किस फसल से संबंधित है?

1294 0

  • 1
    चावल
    Correct
    Wrong
  • 2
    मक्का
    Correct
    Wrong
  • 3
    ज्वार
    Correct
    Wrong
  • 4
    गेहूँ
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 2. "मक्का"
Explanation :

1. कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' मक्का फसल से संबंधित है।

2. माही कंचन, माही धवल और मेघा मक्का की किस्में हैं। राजस्थान राज्य में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और बूंदी हैं।

Q:

हाड़ौती के पठार की औसत ऊँचाई है ?

1293 0

  • 1
    650 मी.
    Correct
    Wrong
  • 2
    700 मी.
    Correct
    Wrong
  • 3
    200 मी.
    Correct
    Wrong
  • 4
    500 मी.
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "500 मी."
Explanation :

1. राजस्थान का दक्षिणी-पूर्वी भाग एक पठारी भाग है, जिसे 'दक्षिणी-पूर्वी पठार एवं हाडौती के पठार' के नाम से जाना जाता है। यह मालवा के पठार का विस्तार है |

2. इस क्षेत्र की औसत ऊँचाई 500 मीटर है तथा यहाँ अर्द्ध-चन्द्राकार रूप में पर्वत श्रेणियों का विस्तार है जो क्रमशः बूंदी और मुकुन्दवाड़ा की पहाड़ियों के नाम से जानी जाती है। यहाँ चम्बल नदी और इसकी प्रमुख सहायक कालीसिंह, परवन और पार्वती नदियाँ प्रवाहित है, उनके द्वारा निर्मित मैदानी प्रदेश कृषि के लिये उपयुक्त है।

3. दक्षिणी - पूर्वी पठार प्रदेश (हाडौती के पठार) प्रमुख विशेषता -

- इस क्षेत्र में राज्य की 11 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

- दक्षिण पूर्वी पठारी प्रदेश राज्य के कुल क्षेत्रफल का 9.6 प्रतिशत है।

- इसका विस्तार भीलवाड़ा, फोटो, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों में है।

- यह पठारी भाग अरावली और विंध्याचल पर्वत के बीच संक्रान्ति प्रदेश है।

- इस प्रदेश में लावा मिश्रित शैल एवं विन्ध्य शैलों का सम्मिश्रण है।

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully

      Report Error

    Please Enter Message
    Error Reported Successfully