Rajasthan Geography प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें

प्र:

राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थल में सबसे प्रमुख (अधिकांशतः) बालू के स्तूप हैं

1265 0

  • 1
    बरखान में
    सही
    गलत
  • 2
    पवनानुवर्ती में
    सही
    गलत
  • 3
    अनुप्रस्थ में
    सही
    गलत
  • 4
    पेराबॉलिक में
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 4. "पेराबॉलिक में "
व्याख्या :

पैराबोलिक बालुका स्तूप (Parabolic Sand Dune)-

1. पैराबोलिक बालुका स्तूप को परवलयिक बालुका स्तूप भी कहा जाता है।

2. बरखान के विपरित या महिलाओं के बालों की हैयर पिन (क्लिप) जैसे बालूका स्तूप पैराबोलिक बालुका स्तूप कहलाते हैं।

3. राजस्थान में पैराबोलिक बालुका स्तूप सामान्यतः जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर एवं जोधपुर में अधिक पाये जाते हैं।

4. पैराबोलिक बालुका स्तूप राजस्थान में सर्वाधिक पाये जाते हैं क्योंकि पैराबोलिक बालुका स्तूप सभी मरुस्थलीय जिलों में मिलते हैं या पाये जाते हैं।

प्र:

राज्य के किस जिले में बकरियों की संख्या सर्वाधिक है?

1265 0

  • 1
    जोधपुर
    सही
    गलत
  • 2
    नागौर
    सही
    गलत
  • 3
    जैसलमेर
    सही
    गलत
  • 4
    बाड़मेर
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 4. "बाड़मेर"
व्याख्या :

1. राज्य के बाड़मेर जिले में बकरियों की संख्या सर्वाधिक है।

2. बकरी को भविष्य का पशु कहा जाता है।

3. बकरी पालन में राजस्थान का देश में प्रथम स्थान है।

4. भारत की समस्त बकरियों (148. 88 मिलियन) का 13.99 प्रतिशत भाग राजस्थान में पाया जाता है। तथा राजस्थान की कुल पशु-सम्पदा में बकरियों की संख्या 36. 69 प्रतिशत है।

5. केन्द्रीय बकरी अनुसंधान केन्द्र अविकानगर, टोंक में स्थित है।

6. भरतपुर जिला स्थित पशु प्रजनन फार्म, कुम बकरी नस्ल संवर्धन का राज्य में अग्रणी केंद्र है।

प्र:

राजस्थान को नर्मदा नदी का कितना हिस्सा प्राप्त होता है?

1264 0

  • 1
    1.90 MAF
    सही
    गलत
  • 2
    8.60 MAF
    सही
    गलत
  • 3
    9.10MAF
    सही
    गलत
  • 4
    0.50 MAF
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 4. "0.50 MAF"
व्याख्या :

1. नर्मदा नहर परियोजना में पहली बार राजस्थान में स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को अनिवार्य किया गया है।

2. नर्मदा नहर परियोजना गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के बीच है।

3. इस परियोजना को मारवाड़ की भागीरथी के नाम से भी जाना जाता है।

4. यह पूर्ण रूप से स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति पर आधारित है।

5. नर्मदा नहर परियोजना से लाभान्वित राजस्थान के जिले जालौर-बाड़मेर हैं।

6. नर्मदा नहर परियोजना की कुल लंबाई 532 किमी है।

7. नर्मदा नहर परियोजना में राजस्थान का कुल हिस्सा 0.50 M.A.F.

8. सरदार सरोवर बांध का उपयोग नर्मदा नहर परियोजना के लिए किया जाता है।

9. नर्मदा नहर परियोजना की कुल लंबाई 532 किमी है जिसमें से 458 किमी गुजरात में और 74 किमी राजस्थान में है।

प्र:

गंगनहर' जिसे महाराजा गंगासिंह ने बनवायी थी, किस वर्ष बनवायी गयी थी?

1258 0

  • 1
    1932
    सही
    गलत
  • 2
    1927
    सही
    गलत
  • 3
    1930
    सही
    गलत
  • 4
    1937
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "1927"

प्र:

'सूखा सम्भावित क्षेत्र कार्यक्रम' किस वर्ष में प्रारंभ हुआ?

1256 0

  • 1
    1974-75
    सही
    गलत
  • 2
    1977-78
    सही
    गलत
  • 3
    1984-85
    सही
    गलत
  • 4
    1988-89
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 1. "1974-75"

प्र:

केंद्रीय मरू क्षेत्र अनुसंधान संस्थान स्थित है? 

1256 0

  • 1
    जोधपुर में
    सही
    गलत
  • 2
    जयपुर में
    सही
    गलत
  • 3
    उदयपुर में
    सही
    गलत
  • 4
    भरतपुर में
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 1. "जोधपुर में"

प्र:

उदयसागर झील में जल प्रवाहित करने वाली नदी कौनसी है?

1250 0

  • 1
    पार्वती
    सही
    गलत
  • 2
    कोठारी
    सही
    गलत
  • 3
    आयड़
    सही
    गलत
  • 4
    गोमती
    सही
    गलत
  • उत्तर देखेंउत्तर छिपाएं
  • Workspace

उत्तर : 3. "आयड़ "

प्र:

ईसरदा बाँध परियोजना किन जिलों में निर्मित किया गया है?

1250 0

  • 1
    टोंक और सवाई माधोपुर
    सही
    गलत
  • 2
    कोटा और बारां
    सही
    गलत
  • 3
    झालावाड़ और बारां
    सही
    गलत
  • 4
    डूंगरपुर और बांसवाड़ा
    सही
    गलत
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उत्तर : 1. "टोंक और सवाई माधोपुर"
व्याख्या :

1. टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में 'ईसरदा बांध परियोजना' का निर्माण किया गया है।

2. यह ईसरदा गांव में बनास नदी के तट पर है।

3. इसमें लगभग 25 लाख ग्रामीण और शहरी जनसंख्या को सुरक्षित पेयजल सुविधा प्रदान करने की परिकल्पना की गई है, जिससे राजस्थान के दौसा में 1,079 गांवों और पांच कस्बों और 177 गांवों और सवाई माधोपुर जिले के एक शहर को लाभ होगा।

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