Rajasthan Polity प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें

प्र:

निम्नलिखित में से कौन सर्वाधिक समय तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे ?

1372 0

  • 1
    टीकाराम पालीवाल
    सही
    गलत
  • 2
    मोहनलाल सुखाड़िया
    सही
    गलत
  • 3
    जयनारायण व्यास
    सही
    गलत
  • 4
    हरिदेव जोशी
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "मोहनलाल सुखाड़िया"

प्र:

बलवन्त राय मेहता समिति थी:

1371 0

  • 1
    लोकतांत्रिक विकेन्द्रीयकरण पर
    सही
    गलत
  • 2
    पंचायती राज संस्थाओं पर
    सही
    गलत
  • 3
    ग्रामीण विकास पर
    सही
    गलत
  • 4
    सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 4. "सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर"
व्याख्या :

1. पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की एक शाखा है जो राज्यों में विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन की चल रही प्रक्रिया की देखभाल करती है।

2.  पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण भारत की स्थानीय स्वशासन की प्रणाली है। जिस तरह से नगरपालिकाओं तथा उपनगरपालिकाओं के द्वारा शहरी क्षेत्रों का स्वशासन चलता है, उसी प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का स्वशासन चलता है।

3.  पंचायती राज संस्थाएँ तीन स्तरहैं।

(1) ग्राम के स्तर :  ग्राम पंचायत

(2) ब्लॉक स्तर : पंचायत समिति

(3) जिला स्तर : जिला परिषद

प्र:

राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर कौन आसीन नहीं रहा?

1357 0

  • 1
    लाड कुमारी जैन
    सही
    गलत
  • 2
    कांता कथूरिया
    सही
    गलत
  • 3
    तारा भण्डारी
    सही
    गलत
  • 4
    गिरिजा व्यास
    सही
    गलत
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उत्तर : 4. "गिरिजा व्यास "

प्र:

सन 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या कितनी निर्धारित की थी ?

1357 0

  • 1
    200
    सही
    गलत
  • 2
    160
    सही
    गलत
  • 3
    188
    सही
    गलत
  • 4
    प्रत्येक जिले से 3 विधायक
    सही
    गलत
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उत्तर : 2. "160"

प्र:

राजस्थान में संभागीय आयुक्त व्यवस्था को कब पुनर्जीवित किया गया?

1353 0

  • 1
    1977
    सही
    गलत
  • 2
    1985
    सही
    गलत
  • 3
    1987
    सही
    गलत
  • 4
    1989
    सही
    गलत
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उत्तर : 3. "1987 "
व्याख्या :

1. 1962 में राजस्थान संभागीय आयुक्त के कार्यालय का उन्मूलन किया गया और 1987 में पुनर्जीवित किया गया।

2. आयुक्तों की भूमिकाएँ और शक्तियाँ एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न होती हैं लेकिन एक सामान्य पहल है।

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उत्तर : 2. "केवल 3 "
व्याख्या :

1. राज्यपाल राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति होते हैं।

2. राज्यपाल राज्य सरकार के साथ सलाह / परामर्श पर कुलपति की नियुक्ति करता है।

3. कुलाधिपति भी राज्य विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हैं।

4. कुलाधिपति अपने नामांकित व्यक्तियों को सीनेट, सिंडिकेट, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, चयन समिति और राज्य विश्वविद्यालयों की अकादमिक परिषद जैसे विभिन्न निकायों में नियुक्त करता है।

5. वह इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष है।

प्र:

निम्न में से कौनसा (अनुच्छेद - प्रावधान) युग्म गलत है?  

1311 0

  • 1
    अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति
    सही
    गलत
  • 2
    अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य
    सही
    गलत
  • 3
    अनुच्छेद 213 अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति
    सही
    गलत
  • 4
    अनुच्छेद 165 राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
    सही
    गलत
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उत्तर : 4. "अनुच्छेद 165 राज्यपाल का विशेष अभिभाषण"
व्याख्या :

सभी युग्म (अनुच्छेद - प्रावधान) सही है।

( A ) अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति

( B ) अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य

( C ) अनुच्छेद 213 अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति

प्र:

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 राज्य में कब अस्तित्व में आया?

1306 0

  • 1
    23 अप्रैल, 1994
    सही
    गलत
  • 2
    23 अप्रैल, 1995
    सही
    गलत
  • 3
    24 अप्रैल, 1994
    सही
    गलत
  • 4
    24 अप्रैल, 1995
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 1. "23 अप्रैल, 1994"
व्याख्या :

1. राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा के गठन का प्रावधान करती है।

2. धारा 89 के संशोधन में कहा गया है कि "ग्राम विकास अधिकारी" की अभिव्यक्ति मौजूदा अभिव्यक्ति "ग्राम-स्तरीय कार्यकर्ता / ग्राम सेवक" के लिए प्रतिस्थापित की जाएगी।

3. पंचायती राज संस्थाओं में धारा 89 के ग्राम सेवकों का पद विद्यमान नहीं है और इसलिए मौजूदा प्रावधानों को हटा दिया जाता है।

4. राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 राज्य में 23 अप्रैल, 1994 अस्तित्व में आया था।

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