Rajasthan Polity Practice Question and Answer

Q:

बलवन्त राय मेहता समिति थी:

1494 0

  • 1
    लोकतांत्रिक विकेन्द्रीयकरण पर
    Correct
    Wrong
  • 2
    पंचायती राज संस्थाओं पर
    Correct
    Wrong
  • 3
    ग्रामीण विकास पर
    Correct
    Wrong
  • 4
    सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर
    Correct
    Wrong
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Answer : 4. "सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर"
Explanation :

1. पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की एक शाखा है जो राज्यों में विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन की चल रही प्रक्रिया की देखभाल करती है।

2.  पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण भारत की स्थानीय स्वशासन की प्रणाली है। जिस तरह से नगरपालिकाओं तथा उपनगरपालिकाओं के द्वारा शहरी क्षेत्रों का स्वशासन चलता है, उसी प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का स्वशासन चलता है।

3.  पंचायती राज संस्थाएँ तीन स्तरहैं।

(1) ग्राम के स्तर :  ग्राम पंचायत

(2) ब्लॉक स्तर : पंचायत समिति

(3) जिला स्तर : जिला परिषद

Q:

सन 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या कितनी निर्धारित की थी ?

1492 0

  • 1
    200
    Correct
    Wrong
  • 2
    160
    Correct
    Wrong
  • 3
    188
    Correct
    Wrong
  • 4
    प्रत्येक जिले से 3 विधायक
    Correct
    Wrong
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Answer : 2. "160"

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Answer : 2. "(iii) एवं (iv)"
Explanation :

1. लोकायुक्त संस्था का सृजन जन साधारण को स्वच्छ प्रशासन प्रदान करने के उद्देश्य से लोक सेवकों के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं पद के दुरूपयोग सम्बन्धी शिकायतों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से जॉंच एवं अन्वेषण करने हेतु राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अन्तर्गत हुआ।

2. लोकायुक्त एक स्वतंत्र संस्थान है जिसका क्षेत्राधिकार सम्पूर्ण राजस्थान राज्य है। यह राज्य सरकार का कोई विभाग नहीं है और न ही इसके कार्य में सरकार का कोई हस्तक्षेप है।

3. राजस्थान में लोकायुक्त की जाँच के दायरे में मंत्री, सचिव और स्वायत्त शासन संस्थानों के अध्यक्ष आते हैं।

4. वर्त्तमान में लोकायुक्त (राजस्थान) माननीय न्‍यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्‍ण लोहरा हैं।

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Answer : 3. " (i), (ii) एवं (iii)"

Q:

राजस्थान में जब अंतिम बार राष्ट्रपति शासन लगा तब यहाँ के राज्यपाल कौन थे ?

1464 0

  • 1
    बसंतराव पाटिल
    Correct
    Wrong
  • 2
    ऍम चन्ना रेड्डी
    Correct
    Wrong
  • 3
    रघुकुल तिलक
    Correct
    Wrong
  • 4
    देवी प्रसाद चटोपाध्याय
    Correct
    Wrong
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Answer : 2. "ऍम चन्ना रेड्डी "

Q:

राजस्थान विधानसभा में प्रोटेम स्पीकार की नियुक्ति कौन करता है?

1463 0

  • 1
    विधानसभा सदस्य
    Correct
    Wrong
  • 2
    मुख्यमंत्री
    Correct
    Wrong
  • 3
    नेता प्रतिपक्ष
    Correct
    Wrong
  • 4
    राज्यपाल
    Correct
    Wrong
  • Show AnswerHide Answer
  • Workspace

Answer : 4. "राज्यपाल"

Q:

निम्न में से कौनसा (अनुच्छेद - प्रावधान) युग्म गलत है?  

1459 0

  • 1
    अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति
    Correct
    Wrong
  • 2
    अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य
    Correct
    Wrong
  • 3
    अनुच्छेद 213 अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति
    Correct
    Wrong
  • 4
    अनुच्छेद 165 राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 4. "अनुच्छेद 165 राज्यपाल का विशेष अभिभाषण"
Explanation :

सभी युग्म (अनुच्छेद - प्रावधान) सही है।

( A ) अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति

( B ) अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य

( C ) अनुच्छेद 213 अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति

Q:

राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 को उद्देश्य है-

1456 0

  • 1
    पारदर्शिता लाना
    Correct
    Wrong
  • 2
    शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध करवाना
    Correct
    Wrong
  • 3
    सेवा प्राप्ति का अधिकार देना
    Correct
    Wrong
  • 4
    उपर्युक्त सभी
    Correct
    Wrong
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  • Workspace

Answer : 4. "उपर्युक्त सभी"
Explanation :

1. प्रारंभिक अधिनियम में 15 प्रमुख सरकारी विभागों की 108 सेवाओं को शामिल किया गया था, जिसमें सरकारी अधिकारियों द्वारा कर्तव्यों के समयबद्ध प्रदर्शन की परिकल्पना की गई थी और अपराधियों के लिए नकद दंड का प्रावधान था।

2. सुशासन को बढ़ावा देना: इस अधिनियम का उद्देश्य राज्य सरकार को नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर लोक सेवाएं प्रदान करने के लिए जवाबदेह बनाना है।

3. नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना: इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को उनकी लोक सेवाओं के लिए निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करना है।

4. सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना: इस अधिनियम का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है ताकि नागरिकों को उन्हें समझने और उनका पालन करने में आसानी हो।

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