Rajasthan Art History and Culture Practice Question and Answer
8 Q: निम्न में से कौन दादू पंथ की शाखाओं में सम्मिलित नहीं है?
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62a08737cae9f820bae56bb6- 1विरक्तfalse
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Answer : 3. "गौड़ीय "
Explanation :
दादू पंथ की शाखाएं
दादूजी की मृत्यु के बाद दादू पंथ 6 शाखाओं में बंट गया था, जो निम्न हैं।
1. खालसा - यह दादू सम्प्रदाय की प्रधान पीठ नरैना से सम्बद्ध है। इस शाखा के मुखिया इनके पुत्र गरीबदास जी थे।
2. नागा - दादू सम्प्रदाय में नागापंथ की स्थापना संत सुन्दरदास जी ने की। नागा साधु अपने साथ हथियार रखते थे तथा जयपुर राज्य में दाखिली सैनिक के रूप में कार्य करते थे। जब इनके आतंक से जनता परेशान हो गई तो सवाई जयसिंह ने एक नियम बनाकर इनके शस्त्र रखने पर पाबंदी लगा दी।
3. विरक्त - ये रमते-फिरते दादू पंथी साधु थे जो गृहस्थियों को आदेश देते थे।
4. खाकी - ये शरीर पर भस्म लगाते थे तथा खाकी वस्त्र पहनते थे।
5. उत्तरादे - जो राजस्थान छोड़कर उत्तरी भारत की ओर चले गए थे।
6. निहंग - वे साधु जो घुमन्तु थे।
Q: धावड़िया वे व्यक्ति होते थे
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5f7d643f3c7d8710e0154f9c- 1जो कारवां व काफिले लूटते थे ।true
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- 3जो अनाज का भंडारण करते थे ।false
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Answer : 1. "जो कारवां व काफिले लूटते थे । "
Q: कौनसा युग्म असंगत है ?
लोक देवता जन्म स्थान
(a) बाबा तल्लीनाथ पाचोटा गाँव , जालौर
(b ) हड़बूजी साँखला भूंडोल,नागौर
(c ) झुंझारजी इमलोहा , सीकर
(d ) देवबाबा मालानी,बाड़मेर
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5e55f871186fd477df6b4caf- 1Afalse
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Answer : 4. "D"
Q: देव सोमनाथ का मंदिर मूलत: किस नदी के किनारे बना है?
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60af265c149ce93547af9b96- 1सोम नदीtrue
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Answer : 1. "सोम नदी"
Q: चौरासी खंबन की छतरी या "84-स्तंभित सेनोटाफ" राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
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5fe2f04c4c864b4aa0e55aeb- 1बूंदीtrue
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Answer : 1. "बूंदी"
Q: राज्य का एक मात्र विभीषण मंदिर कहाँ स्थित है ?
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5fe2e84315a8d94b059391f1- 1कैथूनtrue
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Answer : 1. "कैथून"
Q: राजस्थान की प्रसिद्ध लोक कला "बेवाण" है-
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62e3e0694dfab16a0e3c21e8- 1खादी के कपड़े पर लोक देवता के जीवन को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करना।false
- 2लकड़ी से निर्मित सिंहासन जिस पर ठाकुरजी की मूर्ति को श्रृंगारित करके बैठाया जाता है।false
- 3लकड़ी से निर्मित तलवारनुमा आकृति जिसका उपयोग रामलीला नाटक में किया जाता है।false
- 4कपाटों युक्त लकड़ी से निर्मित मंदिरनुमा आकृति।true
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Answer : 4. "कपाटों युक्त लकड़ी से निर्मित मंदिरनुमा आकृति।"
Q: पाबूजी के पिता का नाम क्या था?
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5fdc3d2247af917ef3d63cc6- 1सूरजमलfalse
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Answer : 2. "धांधल जी"
Explanation :
1. पाबूजी का जन्म 1239 ईस्वी को कोलू (वर्तमान बाड़मेर, राजस्थान) में हुआ था। उनके पिता का नाम धांधल जी राठौड़ था। धांधल जी राठौड़ की चार संताने थी जिनमें से उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां थी। उनके पुत्रों के नाम पाबूजी व बूरा थे तथा उनकी पुत्रियों के नाम सोना व पेमा था।
2. इतिहासकार मुहणौत नैणसी, महाकवि मोडजी आशिया व क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, पाबूजी राठौड़ का जन्म अप्सरा के गर्भ से हुआ था। उनके अनुसार पाबूजी का जन्म स्थान वर्तमान बाड़मेर शहर से 8 कोस आगे खारी खाबड़ के जूना नामक गांव था।
3. पाबूजी का पूजा स्थल कोलू (फलोदी) में है। यहां कोलू में ही प्रतिवर्ष उनका मेला भी भरता है। क्योंकि वे अपने विवाह के बीच में उठकर गायों को बचाने गए थे जिसकी वजह से उन्हें दूल्हे के वस्त्रों में दिखाया जाता है। उनका प्रतीक चिन्ह हाथ में भाला लिए अश्वारोही के रूप में प्रचलित है।
4. पाबूजी को ग्रामीण लोग लक्ष्मण जी का अवतार मानते हैं और लोकदेवता के रूप में पूजते हैं। जनमानस पाबूजी को ऊँटो के देवता के रूप में भी पूजती है।
