P/3 Indian constitution in Hindi (Bharat ka Samvidhan)

Rajesh Bhatia4 years ago 11.5K Views Join Examsbook
K4KTdevguru-three.webp
Indian Constitution (Agenda of Constitution)

Hello friends,

This is the next video related to Indian Constitution (Agenda of Constitution) in Hindi. It is very beneficial and knowledgeable for RAS, IAS, SSC and all other type of competitive exams by B.L.Morwal. By this video you can get knowledge about the 12 types of agenda, which are included in our Indian Constitution and many questions may be asked in competitive exam regarding this.

Bharatiya Samvidhan in Hindi.Indian Constitution in Hindi

Watch part 3 at https://www.youtube.com/watch?v=Indian Constitution (Agenda of Constitution)

संविधान की अनुसूचियां

प्रथम अनुसूची: इस अध्याय में हमें “भारत और भारत के राज्य क्षेत्र” का वर्णन मिलता हैं |

द्धितीय सूची: इस सूची में “संवैधानिक पदों” का अध्ययन किया जाता हैं |

तीसरी सूची: इस सूची में “उपरोक्त पदों की शपथ का प्रारूप” तैयार किया गया हैं |

चतुर्थ सूची: इस सूची के द्वारा “राज्य सभा सीटों का आवंटन” किया जाता हैं |

पंचम अनुसूची: इस सूची के अन्तर्गत “अनुसूची जनजाति क्षेत्रो का प्रशासन” को शामिल किया गया हैं |

षष्टम अनुसूची: इस सूची के अन्तर्गत “असम,मेघालय,मणिपुर और त्रिपुरा के st क्षेत्रों का प्रशासन” को शामिल किया गया हैं |

सप्तम अनुसूची: इस सूची के अन्तर्गत “केंद्र राज्यों के मध्य शक्तियों का विभाजन” को शामिल किया गया हैं जिसके अन्तर्गत तीन सूची को समाहित किया गया हैं |

(1) संघ सूची: केंद्र सरकार के पास कुल 97 विषय: रक्षा, विदेशी मामले, रेल, संचार, मुद्रा आदि विषयों को शामिल किया गया हैं |

(2) राज्य सूची: राज्य सरकारों के पास कुल 61 विषय (मूल संविधान में 66 विषय) जैसे: शांति व्यवस्था, पुलिस, जन-स्वास्थ्य, जेल प्रशासन, सहकारिता, पर्यटन आदि विषयों को शामिल किया गया हैं |

(3) समवर्ती सूची: केंद्र और राज्यों के पास कुल 52 विषय (मूल संविधान में 47 विषय) जैसे; टकराव की स्थिति में केंद्र सरकार का कानूनी प्रभाव, शिक्षा, न्याय प्रशासन, वन, वन्य जीव संरक्षण, नापतौल आदि विषयों को शामिल किया गया हैं |

अष्टम अनुसूची: इस सूची के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त भाषाओं (मूल संविधान में 14 भाषाएं) को शामिल किया गया हैं | परन्तु वर्तमान में 22 भाषाएँ शामिल हैं |

क्र.सं.

भाषा

1

असमिया

2

मणिपुरी

3

नेपाली

4

बोडो

5

बांग्ला

6

मैथिलि

7

संथाली

8

हिंदी

9

कश्मीरी

10

डोगरी

11

पंजाबी

12

गुजराती

13

मराठी

14

कोंकणी

15

कन्नड़

16

मलयालम

17

तमिल

18

तेलेगु

19

ओडिसी

20

संस्कृत

21

उर्दू

22

सिन्धी

 

Watch part 3 at https://www.youtube.com/watch?v=Indian Constitution (Agenda of Constitution)

Note: (1) 1967 में हुए 21 वें संविधान संशोधन द्वारा सिन्धी भाषा को जोड़ा गया 

(2) 1992 में हुए 71 वें संविधान संशोधन द्वारा नेपाली, मणिपुरी, कोंकणी भाषा को जोड़ा गया |

(3) 2003 में हुए 92 वें संविधान संशोधन द्वारा डोगरी, मैथिलि, संथाली और बोडो भाषा को जोड़ा गया |

नवम अनुसूची: इस अनुसूची को 1951 में हुए प्रथम संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया जिसके अन्तर्गत “न्यायिक पुनरावलोकन से निषेधित विषय” को शामिल किया गया |

दशम अनुसूची: इस अनुसूची को 1985 में 52 वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया जिसके अन्तर्गत “दल-बदल निषेध कानून” को शामिल किया गया |

ग्यारहवीं अनुसूची: इस अनुसूची को 1993 में 73 वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया जिसके अन्तर्गत “पंचायती राज व्यवस्था से सम्बंधित 29 विषयों” को शामिल किया गया |

बारहवीं अनुसूची:  इस अनुसूची को 1993 में 74 वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया जिसके अन्तर्गत “नगरीय स्व-शासन से सम्बंधित 18 विषय” को शामिल किया गया |

प्रस्तावना

पंडित ठाकुर दास भार्गव का कथन हैं की –

(1) प्रस्तावन संविधान की कुंजी हैं |

(2) प्रस्तावना संविधान की आत्मा हैं |

Note:

(1) डॉ. अम्बेडकर ने अनु. 32 (संवैधानिक उपचारों के अधिकार) को संविधान की आत्मा कहा हैं |

(2) प्रस्तावना में केवल 1 बार संशोधन किया गया हैं | (42 वें संशोधन 1967 द्वारा) समाजवादी और अखण्डता दो नए शब्दों को जोड़ा गया हैं |

(3) बेरुबारी विवाद में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रस्तावना को संविधान का अंग/भाग नहीं माना |

(4) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य विवाद 1973 में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रस्तावन को संविधान का अंग/भाग स्वीकार किया |

(5) वर्तमान में प्रस्तावना संविधान का अंग हैं |

भाग:1 – भारत, संघ राज्य क्षेत्र (अनु.1-4)

अनु.1: नाम: भारत और इंडिया (राज्यों का संघ Union of States) कहा गया हैं |

अनु.2: नए राज्यों का प्रवेश

अनु.3: नए राज्यों का निर्माण, वर्तमान राज्यों के नाम, क्षेत्रों और सीमाओं में परिवर्तन का अधिकार संसद को प्रदत्त/दिया गया हैं |

अनु.4: विशिष्ट विधियों को शामिल किया गया |

भाग-2: नागरिकता (अनु.5 से 11)

(1) भारत में एकल नागरिकता लागू हैं |

अपवाद: जम्मू-कश्मीर (यहाँ अनु. 370 की विशिष्ट स्थिति के कारण दोहरी नागरिकता का प्रावधान हैं)   

नागरिकता

देश

एकल नागरिकता

भारत, ब्रिटेन

दोहरी नागरिकता

U.S.A.

तिहरी नागरिकता

स्विट्जरर्लेंड


 

Watch part 3 at https://www.youtube.com/watch?v=Indian Constitution (Agenda of Constitution)

Choose from these tabs.

You may also like

About author

Rajesh Bhatia

A Writer, Teacher and GK Expert. I am an M.A. & M.Ed. in English Literature and Political Science. I am highly keen and passionate about reading Indian History. Also, I like to mentor students about how to prepare for a competitive examination. Share your concerns with me by comment box. Also, you can ask anything at linkedin.com/in/rajesh-bhatia-7395a015b/.

Read more articles

  Report Error: P/3 Indian constitution in Hindi (Bharat ka Samvidhan)

Please Enter Message
Error Reported Successfully
google play

The Most Comprehensive Exam Preparation Platform

Get the Examsbook Prep App Today